गेहूं के दाने होंगे मोटे और चमकदार! किसान आखिरी समय करें बस एक काम
गेहूं की फसल अब अंतिम चरण में है. मेहनत करने वाले किसानों के लिए यह समय सबसे महत्वपूर्ण है.
अगर किसान इस समय एक जरूरी काम सही तरीके से कर लें, तो उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ सकता है.
फसल की गुणवत्ता और उपज तय करने में 'आखिरी सिंचाई' सबसे अहम भूमिका निभाती है.
अगर खेत की मिट्टी भारी है तो जब दाने में दूध बन रहा हो तब पानी देना सबसे लाभकारी होता है.
मिट्टी रेतीली है तो बालियां हल्की पीली पड़ने पर या दानों में दूध भरने के तुरंत बाद पानी देना उचित माना जाता है.
समय से पहले पानी रोकने दाने हल्के और सिकुड़े रह जाते हैं. वहीं, बहुत सिंचाई से क्वालिटी खराब हो सकती है.
तेज हवा चलने के दौरान कभी भी खेत में पानी न लगाएं. इससे फसल के गिरने का खतरा बढ़ जाता है.
अंतिम समय में भूलकर भी खेत में यूरिया का ज्यादा प्रयोग न करें. यह फसल को कमजोर गिरा देगी.
इस समय पोटाश, फास्फोरस और बोरॉन का संतुलित छिड़काव करें. इससे दाने अच्छी तरह भरते हैं.
सही समय पर आखिरी सिंचाई और संतुलित खाद प्रबंधन से इस साल अपनी फसल से बंपर मुनाफा कमा सकते हैं.