फ्रेंडशिप डे की शुरुआत कहां और कैसे हुई? जानिए दोस्ती के जश्न की दिलचस्प कहानी

जीवन में हर एक रिश्ते की अपनी एक खासियत होती है. लेकिन इन रिश्तों में दोस्ती एक ऐसा बंधन है जो न तो उम्र देखता है न ही धर्म और जाति. यहीं वजह है कि दुनिया भर में एक खास दिन फ्रेंडशिप के रूप में मनाया जाता है. 

यह दिन न सिर्फ आपसी रिश्ते को मजबूत करता है बल्कि इंसानियत और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है. इस साल फ्रेंडशिप डे आज यानी 3 अगस्त को मनाया जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्रेंडशिप डे की शुरुआत आखिर कहां  और कैसे हुई थी.

फ्रेंडशिप डे की अवधारणा सबसे पहले 1930 में सामने आई जब जॉयस हॉल जो कि अमेरिका की ग्रीटिंग कार्ड कंपनी हॉलमार्क के संस्थापक थे. उन्होंने यह सुझाव दिया कि दोस्ती के सम्मान में एक खास दिन होना चाहिए.

उनका मकसद था कि लोग अपने दोस्तों को कार्ड और तोहफे देकर इस दिन को सेलिब्रेट करें. उस समय यह दिन अगस्त के पहले रविवार को मनाने की बात कही गई थी. 

हालांकि यह विचार कुछ समय तक ही सीमित रहा लेकिन इसे कई साल बाद एक और महत्वपूर्ण पहल हुई जिसने फ्रेंडशिप डे को वैश्विक पहचान बना दी.

1958 में डॉक्टर रेमन आर्टमियो ब्राचो नामक एक डॉक्टर ने पराग्वे में अपने दोस्त के साथ भोजन करते हुए एक आईडिया साझा किया. 

जिसमें उन्होंने अपने दोस्त को कहा कि क्यों न एक ऐसा दिन हो जो सभी लोग को एकजुट करें और दोस्ती को बढ़ावा दें. साथ ही समाज में भाईचारे की भावना जगाएं.

यहीं से वर्ल्ड फ्रेंडशिप क्रुसेड की नींव पड़ी जो की दुनिया भर में दोस्ती और शांति का संदेश फैलाने वाली संस्था बनी. इस सोच के साथ 30 जुलाई को फ्रेंडशिप डे के तौर पर मनाना शुरू किया गया था.

2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फ्रेंडशिप डे को आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए 30 जुलाई को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे घोषित किया. इसका उद्देश्य दुनिया के लोगों, समुदायों और देश के बीच शांति और सहयोग बढ़ाना था