ये सवाल सुनते ही दिमाग घूम जाता है ना? क्योंकि किसी ने कभी जानवर को जूते पहनते नहीं देखा! लेकिन इस सवाल का जवाब है- घोड़ा.
अब आप सोच रहे होंगे कि घोड़ा जूते कैसे पहनता है? असल में घोड़े के पैरों में लौह के बने “घोड़े के नाल” (Horse Shoes) लगाए जाते हैं. यही उसके “जूते” कहलाते हैं.
ये नाल घोड़े के खुरों को चोट लगने से बचाते हैं. जैसे हम जूते पहनकर चलते हैं ताकि पैर न छिलें, वैसे ही नाल घोड़े के पैरों की सुरक्षा करते हैं.
घोड़ा दिनभर दौड़ता है. कभी खेतों में, सड़कों पर, पत्थरों पर. अगर नाल न हों, तो उसके खुर जल्दी खराब हो सकते हैं. इसलिए लोहे के जूते यानी नाल बहुत जरूरी हैं.
दिलचस्प बात ये है कि घोड़ा खड़े-खड़े भी सो सकता है! इसलिए वो जूते (नाल) उतारता नहीं, और यूं ही “जूते पहनकर सोने वाला जानवर” कहलाता है.
घोड़े के नाल खास तरीके से लगाए जाते हैं. इन्हें लगाने के लिए “फेरियर” नाम के एक्सपर्ट बुलाए जाते हैं, जो खुरों में नाल फिट करते हैं ताकि दर्द न हो.
एक घोड़े के पास चारों पैरों में नाल होती है. आमतौर पर हर 45 से 60 दिन में ये बदली जाती है. क्योंकि पुरानी नाल घिस जाती है.
कई देशों में घोड़े के नाल को शुभ चिन्ह भी माना जाता है. लोग इसे घर के दरवाजे पर लगाते हैं ताकि सौभाग्य आए.
तो अब अगली बार जब कोई पूछे कि बताओ कौन सा जानवर जूते पहनकर सोता है? तो मुस्कुराकर कहिए, घोड़ा! क्योंकि वो हमेशा नाल पहनता है.