कौन से जानवर ने कभी अपनी माँ को नहीं देखा?

कभी आपने सोचा है कि कोई माँ अपने बच्चों को देखे बिना ही उन्हें छोड़ सकती है? या बच्चे अपनी माँ को ही खा जाएँ? हाँ, प्रकृति में ऐसे बेहद अनोखे मामले भी मिलते हैं.

सबसे पहला उदाहरण– Scorpion (बिच्छू). कुछ प्रजातियों में बच्चे जन्म के तुरंत बाद माँ की पीठ पर चढ़ जाते हैं. लेकिन जब भूख बहुत बढ़ जाती है तो माँ उन्हें पहचान नहीं पाती और उन्हें खा लेती है.

इस व्यवहार को वैज्ञानिक भाषा में कहते हैं “मात्रिफैगी” (Matriphagy) यानी बच्चे अपनी माँ को खाते हैं. इस तरह के व्यवहार घर में रहने वाले जीवों में ख़ासतौर पर पाए जाते हैं जैसे की मकड़ियों, कुछ कीड़ों और बिच्छुओं में.

दूसरा उदाहरण– Sea Turtle (समुद्री कछुआ). माँ कछुआ रेत में गड्ढा खोद कर अपने अंडे देती है और फिर समुद्र में लौट जाती है. वह लौट कर बच्चों को देखने नहीं आती.

जब अंडे से बच्चे निकलते हैं, तो उन्हें खुद ही अपने पैरों पर चल कर समुद्र तक जाना होता है. माँ उनकी रक्षा नहीं करती, उन्हें डर, भूख और शिकारी आँखों से लड़ना पड़ता है.

तो इन दोनों उदाहरणों में क्या समानता है? एक माँ (बिच्छू की) अपने बच्चों को देखनें तक का मौका नहीं देती या उन्हें खा लेती है. दूसरी माँ (कछुआ) बच्चों को छोड़कर चली जाती है. दोनों में बच्चों ने माँ को देखा नहीं या माँ बच्चों को नहीं देख पाती.

यह सब सुनने में क्रूर लग सकता है, लेकिन यह प्रकृति का हिस्सा है जीवन चक्र का. जीवों का अस्तित्व उनके ये विचित्र व्यवहार भी सुनिश्चित करते हैं. विज्ञान इन्हें समझने की कोशिश करता है कि क्यूँ ये व्यवहार विकसित हुए?