रावण ने अपने पैरों तले किसे बनाया था बंधक? जानें
प्रत्येक वर्ष आश्विन शुक्ल की दशमी तिथी को रावण का पुतला जलाकर दशहरा मनाया जाता है जो बुराई पर अच्छाई के जीत का प्रतीक है.
रावण के सिंहासन के नीचे अक्सर एक नीले रंग का व्यक्ति दिखाई देता है. आखिर कौन था यह व्यक्ति और क्यों रावण उसे अपने पैरों तले दबाए रखता था? इसके पीछे एक पौराणिक कथा छिपी है.
रावण को अपनी शक्तियों पर बहुत अहंकार था. अपनी शक्तियों का गलत इतेमाल करके किसी को भी वश में कर लेता था.
रामायण में रावण के सिंहासन के नीचे नीले रंग का व्यक्ति दिखाई दाता था, यह कोई और नहीं बल्कि शनि देव हैं.
रावण ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके न्याय के देवता शनि देव को अपने वश में करके बंदी बना लिया था और अपने सिंहासन के पास पैरों के नीचे रखता था.
पौराणिक कथा के अनुसार तंत्र-मंत्र की सिद्धियों ने रावण को अति महाविद्वान और बड़ा ज्योतिषी बना दिया था.
कुंडली का प्रत्येक ग्रह रावण के हिसाब से चाल चलने लगा था लेकिन शनि देव रावण के काबू में आसानी से नहीं आ रहे थे जिस कारण उसने शनि को कैद कर लिया और अपने सिंहासन के पास पैर के नीचे दबाकर रखने लगा.
लंका दहन से पहले रावण ने शनि को बंधक बनाकर जेल में डाल दिया था और उसके बाहर एक शिवलिंग बना दिया ताकि शनि उसे लांघकर न जा सकें.
हनुमान भगवान राम का संदेश लेकर माता सीता के लिए लंका पहुंचे तो उन्होंने अपनी शक्तियों के प्रयोग से शनि को रावण के कैद से मुक्त कराया था.