कौन हैं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर? जानिए मालेगांव से लेकर राजनीति तक का सफर
17 साल के लंबे इंतजार के मालेगांव ब्लास्ट केस में दोषी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कोर्ट की ओर से क्लीन चिट मिल गई है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने इस मामले में सुनवाई के दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत 7 आरोपियों को बरी कर दिया है.
कोर्ट का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले. इसलिए यूएपीए नहीं लगाया जा सकता.
ऐसे में चलिए जानते हैं कौन है साधवी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कैसा रहा है इनका करियर जिन्हें आज एनआईए की कोर्ट ने बरी किया है.
दरअसल, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भारतीय राजनीत की एक जानी-मानी चेहरा है. वह साल 2019-24 में भारतीय पार्टी से मध्य प्रदेश के भोपाल-सीहोर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुकी है.
उन्हें 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट में दोषी ठहराते हुए गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में लगभग 9 साल जेल में रहना पड़ा. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी. उन पर यूएपी के तहत आरोप लगाए गए थे.
प्रज्ञा ठाकुर पर इस मामले में अभी तक मुकदमा चल रहा था. आज गुरुवार को 17 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उन्हें आरोप मुक्त कर दिया है.
प्रज्ञा ठाकुर मध्य प्रदेश के चंबल अंचल की रहने वाली है. उनका जन्म भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था. वह भिंड के लाहार कॉलेज से पढ़ाई की है. वह राजनीति में आने से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और RSS से जुड़ी.
वह कई समाजिक संगठनों में सक्रिय सदस्य के रूप में काम किया है. उन्होंने साल 2019 में भोपाल लोकसभा से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा. जिसमें उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराया था.