कौन थे सत्यपाल मलिक? जिन्होंने आज दुनिया को कहा अलविदा, जानिए राजनीतिक सफर
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और दिग्गज नेता राजनेता सत्यपाल मलिक का 5 अगस्त 2025 दिन मंगलवार को निधन हो गया. वे 78 साल के थे. मलिक का दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया.
मलिक पिछले काफी समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे. उन्होंने आज दोपहर करीब 1:20 बजे अंतिम सांस ली. सत्यपाल मलिक देश के 5 राज्यों के राज्यपाल रहे.
सत्यपाल मलिक का 5 अगस्त से गहरा नाता रहा. वो 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू कश्मीर के राज्यपाल रहे. इन्हीं के कार्यकाल में और आज के ही दिन जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया गया था.
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में जन्में सत्यपाल मलिक का राजनीतिक करियर काफी लंबा रहा है. उनकी पढ़ाई मेरठ विश्वविद्यालय (अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय) से हुई थी.
कॉलेज के समय से ही उनकी दिलचस्पी राजनीति में रही. वे 1966-1967 तक मेरठ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे. वहीं 1968-1969 में वो विश्वविद्यालय स्तर पर चुनाव लड़े और अध्यक्ष बने.
उन्होंने विभिन्न पार्टियों से होते हुए बीजेपी तक का सफर तय किया था. वे सपा, कांग्रेस और जनता दल में भी रह चुके थे.
मेरठ विश्वविद्यालय का अध्यक्ष बनने के बाद, धीरे-धीरे मलिक की राजनीतिक महत्वकांक्षा और लोकप्रियता दोनों बढ़ती चली गई. 1974 में पहली बार वो बागपत से विधायक चुने गए. 1989 से 1991 तक वे अलीगढ़ सीट से जनता दल के सिंबल पर सांसद भी बन चुके थे.
सत्यपाल मलिक अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम दिनों तक बीजेपी से जुड़े रहे. किसानों के मुद्दे को लेकर उनका बीजेपी से मोहभंग हो गया और वो बीजेपी के विरोध में बोलने लगे.
उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर कहा था कि यह हमला मोदी सरकार की वजह से हुआ था. क्योंकि सीआरपीएफ अपने जवानों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए विमान की मांग की थी. लेकिन उनके प्रस्ताव को गृह मंत्रालय ने ठुकरा दिया.
वहीं सत्यपाल मलिक ने किसानों के मुद्दे को लेकर भी खुलकर मोदी सरकार की आलोचना की थी. उन्होंने किसानों के पक्ष में जाट सम्मेलन में जोरदार भाषण दिया था. सत्यपाल मलिक ने कहा था,"जाट की सहनशीलता की परीक्षा मत लो."
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे. आरोप में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए Kiru Hydel Project में उन्होंने सिविल कार्यों में ठेके में भ्रष्टाचार किया था. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही थी.