कौन हैं उज्ज्वल निकम? जिन्होंने अजमल कसाब को फांसी दिलाने में निभाई अहम भूमिका
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार लोगों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है. इनमें प्रख्यात और जाने-माने अधिवक्ता उज्ज्वल देवराव निकम का नाम भी शामिल है.
उज्ज्वल निकम देश के जाने माने अधिवक्ता हैं. उन्होंने आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ा था. उज्ज्वल निकम देश के चर्चित और अनुभवी वकिलों में गिने जाते हैं.
उज्ज्वल निकम का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था. निकम के पिता जज थे. उन्होंने जलगांन के ही एसएस मनियार लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की है. निकम ने विज्ञान से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की.
निकम ने मुंबई में 26/11 को हुए आतंकवादी हमलों के मुख्य आरोपी अजमल कसाब के खिलाफ सरकार की तरफ से मुकदमा लड़ा था. वह केस देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक था.
अज्जव निकम की पैरवी इतनी दमदार थी कि उन्होंने कसाब को कोर्ट से फांसी की सजा दिलवा दी थी. उन्होंने सबूत और गवाहों को इस तरह से पेश किया कि अदालत को फैसला लेने में कोई भी दिक्कत नहीं हुई थी.
कसाब की केस ने निकम को देशभर में पहचान दिलाई थी. इसके बाद आतंक के खिलाफ सख्ती से खड़े होने वाले वकील के तौर पर उनकी छवि बन गई.
सुरक्षा को देखते हुए निकम को Z+ कैटेगरी सुरक्षा दी गई थी. करीब अपने जीवन के 3 दशकों में 600 सौ से अधिक अपराधियों को उम्रकैद की सजा दिलाई है और 37 अपराधियों को फांसी की सजा दिला चुके हैं.
अजमल कसाब (Ajmal Kasab) केस के अलावा निकम और भी कई हाई-प्रोफाइल केस की भी पैरवी कर चुके हैं.
जिनमें 1993 के बॉम्बे बम विस्फोट, प्रमोद महाजन हत्या (Pramod Mahajan Murder) मामला, 2008 के मुंबई हमला और गुलशन कुमार हत्या (Gulshan Kumar murder) सहीत कई केस है.
उज्ज्वल निकम को भारत सरकार ने उनके कानूनी योगदान के लिए 2016 में देश के चौथे बड़े सम्मान पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shree Award) से सम्मानित किया था.