क्यों Google से 23 गुना ज्यादा खर्चीला है AI?

दुनिया के साथ भारत में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.

हालांकि, इसके उपयोग का पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है. क्योंकि, इसमें भारी मात्रा में बिजली और पानी का उपयो होता है.

AI डेटा सेंटर से ऑपरेट होते हैं जो लगातार चलने के कारण गर्म हो जाते हैं. इस कारण इन्हें पानी से ठंडा किया जाता है.

एक अच्छे डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए रोजाना करीब 50 लाख गैलन पानी का उपयो होता है.

AI से एक HD फोटो बनवाने में जितनी ऊर्जा खर्च होती है, उससे एक फोन आधा चार्ज हो जाएगा.

करीब 3 सेकंड का वीडियो बनवाने में खर्च हुई बिजली से एक बल्ब पूरे साल जल सकता है.

AI से पूछे गए एक आसान सवाल में जितनी ऊर्जा खर्च होती है, Google उससे 23 गुना कम ऊर्चा में वह काम करता है.

AI की इतनी ऊर्जा उपयोग का कारण यह है कि वह जानकारी लेकर उसे खुद लिखता है और आपतक पहुंचाता है. इसके बाद स्टोर भी करता है.

एक्सपर्ट सुझाव देते हैं कि इमेजेज के मामले में एआई से बनी इमेज का कम से कम इस्तेमाल करके पर्यावरण को बचाने में योगदान दिया जा सकता है.