मानसून में बारिश के बाद क्यों हो जाती है उमस, क्या है इसके पीछे कारण जानिए
मानसून के सीजन में जब भी बादल घिर आते हैं और बारिश नहीं होती तो उमस बढ़ जाती है. इस कारण लोगों का पसीना भी काफी तेजी से निकलता है.
गर्मी के बाद मानसून का सीजन आता है, रोज़ आसमान में काले बादल छा जाते हैं . इस मौसम में लोग बारिश का इंतजार करते है लेकिन इसके बावजूद न तो बारिश होती है और न ही गर्मी कम होती है.
इस मौसमी बदलाव के कारण उमस काफी बढ़ जाती है यानी एक ऐसा मौसम, जिसमें बारिश का इंतजार होता है, लेकिन बारिश नहीं होती और इस चिपचिपी गर्मी से पूरा उत्तर भारत परेशान रहता है.
उमस का मौसम एक ऐसा मौसम होता है, जिसमें न तो कूलर और ना ही A.C काम करता है.
दरअसल, जब भी भीषण गर्मी के बाद बारिश होती है तो हल्की बारिश के बाद धरती से भाप उठती है.
इसी भाप के कारण उमस बढ़ती है और यही आगे चलकर चिपचिपी गर्मी का भी कारण बनती है. इस उमस के कारण हमारे शरीर से पसीना भी काफी तेजी से निकलता है.
ऐसा हमारे शरीर को ठंडा रखने के लिए होता है, क्योंकि हमारे शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है.
जब बाहर का तापमान इससे ज्यादा हो जाता है तो शरीर के तापमान को सामान्य रखने के लिए शरीर पसीना छोड़ता है, जिससे उमस महसूस होती है.
इस भीषण गर्मी में भी अगर किसी व्यक्ति को उमस महसूस नहीं होती और उसको पसीना नहीं आता तो ये कई बीमारियों की वजह से हो सकता है. ऐसे व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.