कम उम्र में ही क्यों झड़ने लगे हैं बाल? जानें Gen Z में हेयर फॉल की मुख्य वजह

आजकल 18 से 20 साल के Gen Z में बाल पतले होने, अत्यधिक टूटने और हेयरलाइन पीछे जाने की समस्या तेजी से बढ़ रही है.

करियर और पढ़ाई का मानसिक तनाव बालों की ग्रोथ साइकिल को प्रभावित करता है, जिससे 'टेलोजन एफ्लुवियम' (अचानक बाल झड़ना) हो सकता है.

क्रैश डाइटिंग, जंक फूड और असंतुलित खानपान के कारण शरीर में प्रोटीन, आयरन, जिंक और जरूरी विटामिन्स की कमी हो जाती है.

कम उम्र में ही PCOD, थायराइड और हार्मोनल बदलावों के कारण लड़कियों और लड़कों में हेयर फॉल की समस्या बढ़ रही है.

यदि परिवार में गंजेपन या बाल पतले होने का इतिहास है, तो Gen Z में यह समस्या समय से पहले (20 की उम्र में) ही नजर आने लगती है.

बार-बार हेयर कलरिंग, रीबॉन्डिंग और स्ट्रेटनर जैसे हीट टूल्स का इस्तेमाल बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है.

बालों को बहुत कसकर बांधने (Traction) से जड़ों पर खिंचाव पड़ता है, जिससे बाल टूटने और झड़ने लगते हैं.

तनाव, डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ा हेयर फॉल सुधारा जा सकता है, लेकिन जेनेटिक हेयर लॉस के लिए डॉक्टरी इलाज की जरूरत होती है.

अगर महीनों तक लगातार बाल झड़ें, मांग चौड़ी होने लगे या स्कैल्प में खाली पैच दिखे, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें.