क्या आप जानते है मुहर्रम क्यों और कब मनाया जाता है? जानिए इसका इतिहास

इस बार मुहर्रम का महीना 26 जून से शुरू हो गया है.

मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है जिसे शोक और गम के रूप में मनाया जाता है.

इस महीने में मुस्लिम लोग शादी या कोई भी शुभ आयोजन नहीं मनाते हैं, सिर्फ और सिर्फ मातम मनाते हैं

मुहर्रम के महीने का खास दिन अशुरा होता है जो कि 10वें दिन होता है

इस दिन लोग पैगंबर मोहम्मद के नाती इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हैं

जो 680 ई. में कर्बला की जंग में अपने परिवार के साथ शहीद हुए थे.

अशुरा को रोज-ए-अशुरा कहा जाता है. अशुरा को शिया और सुन्नी  के लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं.

 शिया लोग इस दिन को मातम और शोक के रूप में मनाते हैं, काले कपड़े पहनते हैं और खुद को जख्म देते हैं.

साथ ही काले रंग के कपड़े पहनकर शोक का जुलूस निकालते है.

वहीं, सुन्नी लोग इस दिन रोजा रखते हैं और नमाज पढ़ते हैं.