सिर्फ नाश्ता नहीं हेल्थ बूस्टर है पोहा, जानिए खाने सही तरीका
पोहा एक हल्का, स्वादिष्ट और जल्दी पचने वाला व्यंजन है, जो महाराष्ट्र से लेकर छत्तीसगढ़ तक भारत में नाश्ते का अहम हिस्सा है.
आयुर्वेद में पोहा को स्निग्ध और हल्का भोजन माना गया है. यह पित्त और वात को संतुलित करता है और तुरंत ऊर्जा देता है.
पोहा आपको तुरंत ऊर्जा देता है, जिससे सुबह जल्दी थकान महसूस नहीं होती. हल्का होने के कारण यह पेट पर बोझ नहीं डालता.
पोहा आयरन का प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए यह एनीमिया और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है.
सीमित मात्रा में यह डायबिटीज रोगियों के लिए सुरक्षित है, क्योंकि यह धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करता है और ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं आने देता.
पोहा आसानी से पच जाता है. हरी सब्जियां, मूंगफली या तिल मिलाकर खाने से इसका पोषण और पाचन दोनों दोगुना हो जाता है.
दही के साथ पोहा खाने से गर्मियों में शरीर को ठंडक मिलती है, क्योंकि पोहा स्वभाव में शीतल और मधुर होता है.
सर्दियों में पोहा में गुड़ मिलाकर खाया जाए तो यह रक्तवर्धक और ऊर्जा प्रदान करने वाला बन जाता है, साथ ही सर्दी-जुकाम से भी बचाता है.
थकान: नींबू, काली मिर्च, हरी धनिया. पाचन: अदरक और हल्दी. एनीमिया: मूंगफली और पालक
ज्यादा तेल में तला हुआ या रातभर रखा पोहा पचने में भारी होता है और कफ बढ़ा सकता है. डायबिटीज रोगी मीठा पोहा सीमित मात्रा में ही लें.