कम खाने पर भी बढ़ रहा है वजन? जानिए इसके पीछे के 5 बड़े कारण
कम खाने के बाद भी वजन न घटने या बढ़ने के पीछे कई वजह हो सकते हैं. शरीर का वजन केवल एक दिन के खाने से नहीं, बल्कि लंबे समय के एनर्जी बैलेंस से तय होता है.
कम मात्रा में खाना खाने के बावजूद तेल, घी, मेवे या मीठे पेय से शरीर को ज्यादा कैलोरी मिल सकती है. खाने की छोटी चीजें और स्नेक्स अक्सर हिसाब में छूट जाते हैं.
लोग अक्सर अपने दैनिक भोजन का विवरण देते समय सही पोर्शन साइज का अनुमान नहीं लगा पाते. इससे अनजाने में जरूरत से ज्यादा कैलोरी जमा हो जाती है.
तनाव में रहने पर शरीर कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन ज्यादा बनाता है. यह हार्मोन मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है, जिससे शरीर कम कैलोरी बर्न करता है और वजन बढ़ता है.
हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बनाती. इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और कम खाने पर भी वजन नियंत्रित करना मुश्किल होता है.
महिलाओं में होने वाली PCOS की स्थिति में हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण फैट बर्न करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है. इससे वजन आसानी से बढ़ने लगता है.
पर्याप्त नींद न लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ता है. इससे फैट जमा होने का खतरा बढ़ जाता है.
ज्यादा नमक, मासिक धर्म या दवाइयों के कारण शरीर में पानी रुक सकता है. तराजू पर बढ़ा हुआ यह वजन बॉडी फैट नहीं, बल्कि अस्थायी पानी का वजन होता है.
वजन घटाने के लिए खुद को भूखा रखने के बजाय संतुलित डाइट लें, नियमित शारीरिक गतिविधि करें और विशेषज्ञ की सलाह से सही कैलोरी इनटेक तय करें.