नवरात्रि में दर्शन मात्र से बदल जाएगी किस्मत, जानिए कहां है ये मंदिर.

22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है. ऐेसे में चमत्कारों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के ये प्राचीन देवी माता मंदिर के जरुर दर्शन करना चाहिए.

उत्तर प्रदेश सिर्फ ऐतिहासिक इमारतों और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आस्था और चमत्कारी शक्तियों वाले देवी मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है. 

कहते हैं कि इन मंदिरों में माता रानी स्वयं विराजती हैं और जो भी भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है उसकी हर मुराद जरूर पूरी होती है.

विंध्यवासिनी देवी मंदिर   मान्यता है कि 51 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर राक्षस महिसासुर का वध करने के बाद देवी ने विंध्याचल के पर्वत पर निवास किया था.

शाकंभरी देवी मंदिर  51 पवित्र शक्तिपीठों में गिनी जाने वाली यह मेदिर अकाल ग्रस्त पृथ्वी लोक से भूख और प्यास के प्रकोप को दूर कर दिया था, मान्यता है कि यहां दर्शन करने से दरिद्रता, रोग और दुख दूर हो जाते हैं.

देवीपाटन मंदिर  इस शक्तिपीठ कि मान्यता है कि माता सती का वाम स्कंध के साथ पट गिरा था इसलिए इस स्थान को पाटन कहा गया. इस स्थान को दिव्यता और प्राचीनता का प्रतीक माना जाता है.

मां तरकुलहा मंदिर  मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा धरती से स्वयं प्रकट हुई है. यहां  श्रद्धालु जो भी मनोकामना लेकर आते हैं, वे पूरी होती हैं.

देवी दुर्गा के मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र हैं, बल्कि यहां का वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है.

नवरात्रि के दौरान इन मंदिरों की भव्यता और दिव्यता अपने चरम पर होती है.