कैसे इज़राइल की महिला सेना बन गई पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा?
इज़राइल दुनिया का वह देश है, जहां महिलाओं की भूमिका सेना में सबसे ज्यादा देखी जाती है
यहां महिलाओं का सेना में योगदान ना केवल अनिवार्य है बल्कि गर्व का विषय भी माना जाता है. यही कारण है कि इज़राइल की महिला सेना दुनिया भर में चर्चा का विषय रहती है
18 साल की उम्र पूरी करने पर लड़के और लड़कियों दोनों को सेना में भर्ती होना पड़ता है. पुरुषों के लिए सेवा अवधि करीब 32 महीने है, जबकि महिलाओं के लिए यह अवधि लगभग 24 महीने तय है
महिलाओं को बचपन से ही अनुशासन, आत्मरक्षा और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाता है. सेना में शामिल होकर महिलाएं न सिर्फ अपने देश की सुरक्षा करती हैं, बल्कि हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर खड़ी होती हैं
IDF के अनुसार, लगभग 40% महिलाएं कॉम्बैट और तकनीकी यूनिट्स में काम कर रही हैं. यहां विशेष महिला बटालियन भी हैं, जो बॉर्डर सिक्योरिटी और आतंकवाद-रोधी ऑपरेशंस संभालती हैं
इज़राइल का यह मॉडल कई देशों के लिए प्रेरणादायी है. जहां कई जगह अब भी महिलाएं सेना में सीमित भूमिका निभाती हैं, वहीं इज़राइल ने साबित किया है कि देश की सुरक्षा में महिला और पुरुष दोनों बराबर भागीदार हो सकते हैं