बिजनेस

अडानी इंटरनेशनल स्कूल में ISSO नेशनल गेम्स शतरंज प्रतियोगिता 2026 का आयोजन

Adani International School: अडानी इंटरनेशनल स्कूल (ADIS) में ISSO नेशनल गेम्स शतरंज प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता में 10 राज्यों के 100 से अधिक स्कूलों के 425 से ज्यादा युवा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं.

अहमदाबाद में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 800 से अधिक छात्र, अभिभावक, कोच और स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.

प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग रखे गए हैं. इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आए स्कूली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपने हमउम्र खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल रहा है.

यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों की एकाग्रता, रणनीतिक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और दबाव के बीच संयम बनाए रखने की क्षमता की परीक्षा ले रहा है.

रमेशबाबू प्रज्ञानंद भी रहे मौजूद

भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद और ISSO की सलाहकार बोर्ड सदस्य तथा ADIS की प्रमोटर नम्रता अडानी ने प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया. गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.

नम्रता अडानी ने कहा,

“शतरंज युवाओं को आगे की सोचने, सोच-समझकर फैसले लेने और अनिश्चित नतीजों के बीच भी संयम बनाए रखने की सीख देता है. ये ऐसी खूबियां हैं, जो शतरंज की बिसात से कहीं आगे भी उनके काम आती हैं. इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों को अनुशासन के साथ तैयारी करने, आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करने और हर खेल से सीखने का अनुभव देती हैं, चाहे नतीजा उनके पक्ष में हो या नहीं.”

शतरंज के जरिये दोस्ती का अवसर

यह चैंपियनशिप अलग-अलग स्कूलों और राज्यों के छात्रों को एक साथ मुकाबला करने, अपने अनुभव साझा करने और शतरंज के जरिए दोस्ती बनाने का अवसर दे रही है. ADIS के लिए इस आयोजन की मेजबानी खेल को शिक्षा के साथ जोड़ने की उसकी व्यापक सोच को दर्शाती है.

ये भी पढ़ें- ‘न कोई कार बिकी, न रॉकेट उड़ा…फिर एलन मस्क ने 24 घंटे में कैसे कमा डाले 5.7 लाख करोड़?

छात्रों में अनुशासन और आत्मविश्वास भरना उद्देश्य

स्कूल का उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, आत्मविश्वास, मुश्किल परिस्थितियों से उबरने की क्षमता, नेतृत्व क्षमता और खेल भावना विकसित करना है. फिलहाल खिलाड़ी प्रतियोगिता के अगले दौर में आगे बढ़ रहे हैं. इन दौरों में उनकी तैयारी, निर्णय लेने की क्षमता और दबाव के बीच संयम ही उनके प्रदर्शन को तय करेगा.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

इमरान खान को देश छोड़ना पड़ेगा या मिलेगी राहत? बॉम्बे हाईकोर्ट में कल होगा बड़ा फैसला

इमरान खान को FRRO द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट…

4 hours ago

चीन-पाक सीमा पर किलेबंदी! 2.12 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील को मंजूरी

Indian Defence Deals: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में भारतीय…

5 hours ago

‘जाणता राजा’ का 5वां दिन: गाजियाबाद में गूंजी महाकवि भूषण की पंक्तियां- ‘काशी कर्बला होती मथुरा मदीना होती, शिवाजी न होते तो…’

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

6 hours ago