मनोरंजन

Bigg Boss-19: बिना शोर के गौरव खन्ना की किस स्ट्रैटेजी ने उन्हें यहां पहुंचाया?

Bigg Boss 19 Grand Finale: देश के सबसे चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ का सफर अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. इस साल का सीजन अपने हाई-वोल्टेज ड्रामा, दोस्ती, रणनीति और मनोरंजन के लिए हमेशा चर्चा में रहा. शो की खासियत यह है कि घर के अंदर हर खिलाड़ी की हर चाल दर्शकों के सामने आती है, और हर हफ्ते किसी न किसी कंटेस्टेंट की जीत-हार की कहानी बनती है. इन पांचों में से, इस सीजन के सबसे मजबूत दावेदार और सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले कंटेस्टेंट गौरव खन्ना हैं.

कानपुर के सिविल लाइंस के रहने वाले गौरव खन्ना ने टीवी इंडस्ट्री में दो दशक से अधिक समय तक अपनी पहचान बनाई है. उनका जन्म 11 दिसंबर 1981 को हुआ और उन्होंने स्कूलिंग के बाद मुंबई जाकर एमबीए की पढ़ाई पूरी की. शुरुआती करियर में उन्होंने एक आईटी फर्म में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम किया, लेकिन उनका रुझान हमेशा अभिनय की दुनिया की ओर था.

कहां से की शुरुआत?

टीवी शो और विज्ञापनों में काम किया. उनका पहला प्रमुख टीवी शो ‘भाभी’ था, जिसके बाद उन्होंने ‘कुमकुम : एक प्यारा सा बंधन’, ‘मेरी डोली तेरे अंगना’, ‘जीवनसाथी : हमसफर जिंदगी के’, ‘सीआईडी’, और ‘प्रेम या पहेली : चंद्रकांता’ जैसे शो में काम किया.

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उन्हें पहचान 2021 में सुपरहिट शो ‘अनुपमा’ के जरिए मिली, जिसमें उन्होंने अनुज कपाड़िया का किरदार निभाया. इस शो में गौरव को मुख्य भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का इंडियन टेली अवॉर्ड भी मिला.

Bigg Boss-19 में मिली चर्चा

गौरव खन्ना का खेल ‘बिग बॉस 19’ (Bigg Boss 19 Grand Finale) में उनकी सूझ-बूझ, शांत स्वभाव और रणनीति का सटीक उदाहरण है. बिग बॉस को लेकर अक्सर लोगों की सोच है कि जो चिल्लाकर या जोर-जोर से अपनी बातें रखता है, वही जीत की तरफ बढ़ता है. लेकिन गौरव ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने शुरू से ही अपने आपको शांत रखा, बिना शोर मचाए और बिना किसी विवाद में उलझे, उन्होंने घर के हर सदस्य की हर चाल का ध्यान रखा. उनका गेम प्लान ‘साइलेंट बट डेडली’ का रहा. वे कम बोलते हैं, लेकिन जब बोलते हैं, उनकी बात का असर पूरे घर पर पड़ता है.

कई बार खुद को साबित किया

उन्होंने कई बार यह साबित किया कि वे केवल अपनी रणनीति के दम पर ही खेल को पलट सकते हैं. उन्होंने अपनी समझदारी से कई टास्क में जीत हासिल की और जरूरत पड़ने पर खड़े होकर दोस्तों को भी बचाया. उनके व्यवहार में संयम, धैर्य और सूझ-बूझ साफ दिखाई दी. उन्हें घर के अन्य कंटेस्टेंट्स ने कई बार ‘गेम प्लानर’ और ‘चालाक’ जैसे टैग भी दिए. लेकिन बाहर उनका यह अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया, और यही वजह है कि अब वह फिनाले के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं.

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नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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