प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
बुद्ध की धरती बिहार आज 113 साल की हो गई है. आज ही के दिन 1912 में बंगाल प्रेसीडेन्सी से अलग होकर बिहार एक अस्तित्व में आया था. बिहार दिवस न केवल राज्य के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक यात्रा का भी प्रतीक है.
22 मार्च 1912 को ब्रिटिश सरकार ने बिहार को बंगाल प्रेसीडेन्सी से अलग कर एक नई प्रेसीडेन्सी का गठन किया. उस वक्त बिहार का क्षेत्रफल बहुत बड़ा था, जिसमें वर्तमान बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्से शामिल थे. बिहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा और यहां की धरती ने कई महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को जन्म दिया, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया. बिहार दिवस का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक महत्व और विकास की यात्रा को मनाना है.
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार दिवस की शुभकामनाएं दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “वीरों और महान विभूतियों की पावन धरती बिहार के अपने सभी भाई-बहनों को बिहार दिवस की ढेरों शुभकामनाएं. भारतीय इतिहास को गौरवान्वित करने वाला हमारा यह प्रदेश आज अपनी विकास यात्रा के जिस महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है, उसमें यहां के परिश्रमी और प्रतिभाशाली बिहारवासियों की अहम भागीदारी है. हमारी संस्कृति और परंपरा के केंद्र-बिंदु रहे अपने इस राज्य के चौतरफा विकास के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे.”
पीएम मोदी के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार दिवस के मौके पर बिहारवासियों को शुभकामनाएं दी है. अमित शाह ने एक्स पर लिखा “सभी बिहारवासियों को ‘बिहार दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं. ज्ञान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की भूमि बिहार ने हमेशा देश को नेतृत्व और नई ऊर्जा प्रदान की है. इतिहास के गौरवशाली अध्यायों से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक, बिहार ने हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एनडीए सरकार बिहार को प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रदेशवासियों की सुख, शांति और उन्नति की कामना करता हूं.”
राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बिहार दिवस पर राज्य के सभी निवासियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं. बिहार की धरती प्राचीन काल से ही ज्ञान और विकास का केंद्र रही है. मेरा विश्वास है कि बिहार के निवासी अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प तथा परिश्रम के बल पर विकसित बिहार और विकसित भारत के निर्माण में अपना भरपूर योगदान देते रहेंगे.”
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-भारत एक्सप्रेस
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