Train 3AC viral video
Train 3AC viral video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती ट्रेन के 3AC कोच की अपर बर्थ पर बैठा एक यात्री तेल का दीया जलाकर पूजा-पाठ करता नजर आ रहा है. वीडियो सामने आने के बाद लोग हैरानी जता रहे हैं कि आखिर ट्रेन जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थान पर कोई खुली आग कैसे जला सकता है. इस घटना ने रेलवे सुरक्षा नियमों और यात्रियों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही शख्स दीया जलाता है, आसपास बैठे यात्री उसे रोकने की कोशिश करते हैं. एक यात्री कहता है, “पंडित जी, ये क्या कर रहे हैं? यहां दीया मत जलाइए.” वहीं दूसरे यात्री की आवाज सुनाई देती है, “धूप बंद कर दी, दीया भी बंद करवा दो यार, अभी फायर अलार्म बज जाएगा.” इसके बावजूद कुछ देर तक पूजा जारी रहती है. वीडियो में मौजूद यात्रियों की चिंता साफ दिखती है कि कहीं यह छोटी-सी लापरवाही किसी बड़े हादसे में न बदल जाए.
रेलवे के सुरक्षा नियमों के अनुसार, ट्रेन के अंदर माचिस, मोमबत्ती, दीया या किसी भी प्रकार की खुली आग जलाना प्रतिबंधित है. खासकर एसी कोच में धुआं या आग फायर डिटेक्शन सिस्टम को सक्रिय कर सकती है. इतना ही नहीं, ट्रेन की सीटें, बर्थ, चादर, तकिए और अन्य सामान आग पकड़ने वाले होते हैं, जिससे कुछ ही मिनटों में गंभीर दुर्घटना हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि चलती ट्रेन में किसी भी तरह की खुली लौ यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.
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यह वीडियो X पर @JharkhandRail नाम के हैंडल से शेयर किया गया. पोस्ट में दावा किया गया कि एसी कोच की ऊपरी बर्थ पर एक यात्री अगरबत्ती और तेल का दीया जलाकर प्रार्थना कर रहा था. साथ यात्रा कर रहे एक यात्री ने उसे समझाया कि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि धुएं से फायर अलार्म बज सकता है और खुली आग बड़ा हादसा करा सकती है. पोस्ट में यह भी साफ किया गया कि यह संदेश किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साझा किया गया है.
वीडियो के कमेंट सेक्शन में अधिकांश यूजर्स ने इस हरकत को गैर-जिम्मेदाराना बताया. एक यूजर ने लिखा, “यह रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की भी परीक्षा है, ट्रेन मैनेजर और टीटीई को तुरंत सूचना देनी चाहिए थी.” दूसरे ने कहा, “यह नागरिक जिम्मेदारी निभाने का सही उदाहरण है, यात्रियों ने समय रहते टोका.” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “पूजा-पाठ करना गलत नहीं है, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है.”
यह वायरल वीडियो एक बार फिर याद दिलाता है कि ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. आस्था व्यक्तिगत विषय है, लेकिन जब बात सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा की हो, तो रेलवे के नियमों का पालन करना हर यात्री की जिम्मेदारी बन जाती है.
भारत एक्सप्रेस
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