बिहार कॉन्क्लेव: नये भारत की बात, बिहार के साथ

बिहार अब उपेक्षा का शिकार नहीं! शाहनवाज हुसैन बोले- पलायन की बात करने वाले ‘सावन के अंधे’

Bihar Chunav 2025: भारत एक्सप्रेस के द्वारा पटना में आयोजित कॉन्क्लेव में भाजपा प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने बिहार के विकास, पहचान और राजनीति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की. उन्होंने कहा कि पहले वाले बिहार और अब वाले बिहार में जमीन आसमान का अंतर है. उन्होंने साफ किया कि बिहार अब उपेक्षा का शिकार नहीं है. जो लोग बिहार को पिछड़ा बताकर इसका अपमान करते हैं. उन्हें जमीन पर उतरकर बिहार की हकीकत देखनी चाहिये.

सोमवार को पटना में आयोजित भारत एक्सप्रेस के कॉन्क्लेव ‘नये भारत की बात बिहार के साथ’ कार्यक्रम में बिहार के कई हस्तियों और राजनीतिज्ञों ने हिस्सा लिया. इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने भी अपनी बात रखी.

फर्स्ट इंप्रेशन और लास्ट इंप्रेशन में अब आ गया अंतर- शाहनवाज

बिहार के पिछड़ेपन के सवाल पर शाहनवाज ने कहा कि बिहार कोई आएगा और जब यहां से जाएगा तो उसके आने से पहले वाली सोच और यहां से जाने वाले सोच में जमीन आसमान का अंतर होगा. फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन!

उन्होंने कहा कि पटना में बेहतरीन स्टेशन है बेहतरीन एयरपोर्ट है. जब कोई जयप्रकाश सेतु से अंदर आता है तो कई बार ऐसा लगता है कि मुंबई आ गए हैं. और मुंबई की चौपाटी पर जितनी भीड़ नहीं है, उससे ज्यादा भीड़ है. बिहार में रोड है, बिजली है, पानी है, सड़क है, इंफ्रास्ट्रक्चर है, इंडस्ट्री है.

‘पलायन का मुद्दा उठाने वाले सावन के अंधे’

पलायन के सवाल पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि, एक लाठी में सबको नहीं हांका नहीं जा सकता. जो पलायन का मुद्दा उठाते हैं, वो सावन के अंधे हैं. उन्हीं के जंगलराज की वजह से बिहार में पलायन शुरू हुआ.

बिहार में उद्योगों पर ये बोले शाहनवाज

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के द्वारा बिहार में उद्योग धंधों से जुड़े सवाल लगातार उठाये जा रहे हैं. इस सवाल का जवाब देते हुए शाहनवाज हुसैन कहते हैं कि अगर उन्हें उद्योग ही देखना है तो चलें बिहटा दिखाते हैं कि उद्योग है कि नहीं, चलें बेगूसराय दिखाते हैं उद्योग है कि नहीं. चलो मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में एक पंचायत में 4 एथेनॉल प्लांट हैं. एक मेगाफूड पार्क है. एक अडानी का सीमेंट प्लांट है. एक लेदर पार्क है. ये सिर्फ एक पंचायत में है.

ग्रीनबेस्ड एथेनॉल इंडस्ट्री में बिहार नंबर वन

पूर्व केंद्रीय मंत्री हुसैन ने बिहार के विकास को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि बिहार ग्रीनबेस्ड एथेनॉल इंडस्ट्रीज में पूरे देश में जो मक्का से बनता है उसमें बिहार नंबर वन है. कभी किसी चैनल पर यह नहीं बताया जाता. हमेशा यहीं चर्चा होता था कि बिहार अपहरण उद्योग में आगे है. ऐसा नहीं है बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्री बहुत बड़ी है.

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार में दो ही तरह की इंडस्ट्री होगी, ग्रीन बेस्ड इंडस्ट्री होगी. यानी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री होगी. मखाना इंडस्ट्री होगी. मक्का की इंडस्ट्री होगी. और टेक्सटाइल की इंडस्ट्री होगी.

बांग्लादेश की जीडीपी ग्रोथ का उदाहरण देते हुए शाहनवाज हुसैन कहते हैं कि बांग्लादेश ने ग्रीन बेस्ड इंडस्ट्री की वजह से अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार किया.

प्लग एंड प्ले से होगा बिहार का विकास

प्लग एंड प्ले के बारे में जानकारी देते हुए शाहनवाज हुसैन कहते हैं कि हमने ये तय किया कि बिहार में कोई आयेगा जमीन लेकर इंडस्ट्री लगायेगा. हम जो भी उद्योगपति बिहार आ रहे हैं उनको हम जमीन मुहैया करा रहे हैं. हम अबतक 2 लाख स्कॉयर फुट जमीन दे चुके हैं. लोग आ रहे हैं.

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तेजस्वी और प्रशांत किशोर पर साधा निशाना

इस दौरान शाहनवाज हुसैन ने आरजेडी और प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह लोग सोच रहे हैं कि पुराना जमाना है जो कह देंगे कि बिहार में उद्योग नहीं है और लोग मान लेंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरे टेक्सटाइल मंत्री रहते इस क्षेत्र में भारत दुनिया में नंबर एक था. लेकिन यूपीए के शासनकाल में यह टाइटिल बांग्लादेश ने ले लिया.

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि टेक्सटाइल क्षेत्र में बांग्लादेश को कोई चुनौती दे सकता है तो वो बिहार के लोग हैं. पूरे देश में जितने टेक्सटाइल के स्किल्ड वर्कर्स हैं पूरे भारत में उसके 60 प्रतिशत बिहारी हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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