भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में दो बड़े ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. कंपनी ने एक ही हफ्ते के भीतर फ्रांस और ब्राजील के साथ दो अहम रणनीतिक समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. ये समझौते भारत को ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) और ग्लोबल आयरन ओर (लौह अयस्क) सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बना देंगे.
18 फरवरी 2026 को APSEZ ने फ्रांस के सबसे प्रमुख बंदरगाह ‘पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस’ (Port of Marseille Fos) के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हुआ है. APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा ने कहा कि-
‘भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के समापन के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है . हमारे हजीरा और मुंद्रा बंदरगाहों ने पहले ही कॉरिडोर का रास्ता स्थापित कर लिया है और अब फ्रांस के साथ जुड़कर हमने यूरोप तक का अंतिम चरण भी सफलतापूर्वक जोड़ लिया है.’
इस साझेदारी के तहत ‘IMEC पोर्ट्स क्लब’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जो भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. समझौते का एक मुख्य फोकस मुंद्रा और मार्सिले फॉस के बीच एक ग्रीन मैरीटाइम कॉरिडोर विकसित करना है.
21 फरवरी 2026 को APSEZ (अपनी सहायक कंपनी अडाणी गंगावरम पोर्ट लिमिटेड के माध्यम से) ने भारत सरकार के उद्यम NMDC लिमिटेड और ब्राजील की दिग्गज कंपनी ‘वेल एस.ए.’ (Vale S.A.) के साथ एक और बड़ा समझौता किया. यह MoU ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में ‘इंडिया-ब्राजील बिजनेस फोरम समिट’ में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में हुआ.
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इस समझौते के तहत गंगावरम पोर्ट पर आयरन ओर (लौह अयस्क) की ब्लेंडिंग (मिश्रण) सुविधा और एक समर्पित विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) विकसित किया जाएगा. इस विकास के साथ गंगावरम पोर्ट की क्षमता 75 MMT तक बढ़ जाएगी और यह भारत तथा पूरे क्षेत्र के लिए आयरन ओर निर्यात का एक बड़ा हब बन जाएगा. यह साझेदारी गंगावरम पोर्ट को भारत का पहला ऐसा बंदरगाह बनाएगी जो दुनिया के सबसे बड़े वैरी लार्ज ओर कैरियर्स (VLOCs) यानी ‘वेलेमैक्स’ (Valemax) जहाजों को हैंडल करने में सक्षम होगा.
APSEZ द्वारा लगातार किए गए ये दोनों अंतर्राष्ट्रीय समझौते भारत की समुद्री व्यापार क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाने वाले हैं. जहां एक ओर फ्रांस के साथ साझेदारी यूरोप के साथ भारत की डिजिटल, ग्रीन और कमर्शियल कनेक्टिविटी (IMEC) को मजबूत कर रही है , वहीं ब्राजील और NMDC के साथ हुआ समझौता भारत के पूर्वी तट को ग्लोबल मिनरल और आयरन ओर सप्लाई चेन का एक अभेद्य किला बना देगा.
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