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Export में भारत की शानदार प्रगति, वैश्विक आर्थिक ताकत बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा

India’s Export Data: भारत ने निर्यात क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे यह वैश्विक आर्थिक ताकत बनने के अपने लक्ष्य को और मजबूत कर रहा है. सरकार ने दावा किया है कि देश ने पेट्रोलियम तेल, एग्रोकेमिकल्स, और चीनी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि की है. इस प्रगति से भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह उन्नत प्रौद्योगिकी, नवाचार और प्रतिस्पर्धी निर्माण प्रक्रियाओं के माध्यम से वैश्विक मांगों को पूरा करने में सक्षम है. वाणिज्य मंत्रालय की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के आधार पर ये बात कही गई है.

देश की निर्यात वृद्धि में कई प्रमुख क्षेत्र

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत न केवल अपने निर्यात आधार को बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति भी मजबूत कर रहा है. मंत्रालय ने कहा, “भारत के कई प्रमुख उत्पाद श्रेणियों में एक्‍सपोर्ट परफोर्मेंस ने शानदार सफलता दिखाई है, जिसमें देश वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं में शीर्ष 10 में अपनी स्थिति बनाए रखे हुए है, सभी उत्पादों के निर्यात मूल्य 2023 में 1 बिलियन डॉलर से अधिक थे.,”

पेट्रोलियम सेक्‍टर में अभूतपूर्व वृद्धि

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोलियम सेक्‍टर में भारत ने अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है. 2014 में 60.84 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2023 में यह 84.96 बिलियन डॉलर हो गया, जिससे भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 12.59% तक पहुंच गई. यह उल्लेखनीय वृद्धि देश की उन्नत रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन क्षमता में वृद्धि के कारण संभव हुई है, जिससे भारत को वैश्विक निर्यातक के रूप में दूसरा सबसे बड़ा स्थान प्राप्त हुआ है.

एग्रोकेमिकल्स और चीनी निर्यात भी बढ़ा

एग्रोकेमिकल्स के क्षेत्र में, भारत ने कीटनाशकों, कृन्तकों को मारने वाली दवाओं और फफूंदी नाशकों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है. 2023 तक, इस क्षेत्र में निर्यात 4.32 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जो वैश्विक बाजार में 10.85% हिस्सेदारी के बराबर है. यह वृद्धि अनुसंधान और विकास में निवेश, साथ ही अंतरराष्ट्रीय कृषि मानकों का पालन करने के कारण हुई है, जिससे भारत को तीसरे सबसे बड़े निर्यातक के रूप में स्थापित किया गया है.

चीनी के मामले में भी भारत की स्थिति मजबूत हुई है. 2014 में 4.31% से बढ़कर 2023 में भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 12.21% तक पहुँच गई. इस क्षेत्र में निर्यात 3.72 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जिससे भारत को चीनी का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बना दिया है.

वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर

इन उपलब्धियों के साथ, भारत न केवल निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी अपनी पहचान बना रहा है. इसके साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था की ताकत में भी वृद्धि हो रही है, जो भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रही है.

  • भारत एक्सप्रेस
Bharat Express Desk

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