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भारत ट्रम्प की प्रशंसा करने की तुलना में उनसे निपटने के लिए कहीं बेहतर स्थिति में है: आईटीसी अध्यक्ष

ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर दुनियाभर के देशों में चिंता है, लेकिन भारत इस चुनौती का बेहतर ढंग से सामना करने के लिए तैयार है. ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा है कि भारत वर्तमान परिस्थितियों में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है क्योंकि अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत तेज़ी से चल रही है. पुरी ने उम्मीद जताई कि इस वर्ष अमेरिका, यूरोपीय संघ और यूके के साथ व्यापार समझौते संभव हो सकते हैं, जिससे भारतीय उद्योग को मजबूती मिलेगी.

ट्रंप टैरिफ से भारत पर सीमित असर, लेकिन सतर्कता जरूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर प्रतिशोधात्मक टैरिफ लगाए हैं, जिसमें भारत भी शामिल है. हालांकि चीन पर 125 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, भारत के निर्यात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू रहेगा. इन टैरिफ का असर जुलाई 9 से लागू होगा. इस संदर्भ में पुरी ने कहा कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि स्थिति किस दिशा में जाएगी, लेकिन दीर्घकाल में भारत को लाभ हो सकता है.

ITC की रणनीति – विविधता, डिजिटलीकरण और स्थायित्व पर ज़ोर

ITC चेयरमैन ने कहा कि कंपनी इस तरह की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए विविध पोर्टफोलियो, नवाचार, टिकाऊ पैकेजिंग और डिजिटल तकनीक का सहारा ले रही है. उन्होंने बताया कि ITC की रणनीति सप्लाई चेन में मजबूती, जलवायु-रोधी संरचनाएं और तेज़ निर्णय लेने वाली टीमों पर केंद्रित है.

ग्रामीण विकास और स्किल ट्रेनिंग को दी जा रही प्राथमिकता

पुरी ने बताया कि ITC मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान दे रही है. इसके तहत कंपनी एकीकृत ग्रामीण विकास केंद्र और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं बल्कि स्थानीय समुदायों को भी सशक्त किया गया है.

सतत विकास को कॉर्पोरेट रणनीति में किया गया शामिल

ITC की रणनीति में जलवायु-संवेदनशील कृषि, ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी पहलों को शामिल किया गया है. पुरी ने कहा कि कंपनी आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है.

क्विक कॉमर्स से पारंपरिक FMCG मॉडल को चुनौती

पुरी ने यह भी बताया कि तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स क्षेत्र ने पारंपरिक FMCG कंपनियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. इससे निपटने के लिए नई क्षमताएं और कार्यशैली की आवश्यकता है. ITC इस बदलाव के अनुरूप खुद को ढाल रही है.

ट्रंप के टैरिफ से उत्पन्न वैश्विक अस्थिरता के बीच, भारत का FTA की दिशा में बढ़ता कदम देश को राहत देने वाला साबित हो सकता है. ITC जैसी कंपनियों की अनुकूलन रणनीति और दीर्घकालिक विजन, भारत को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में सहायक होगी.

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-भारत एक्सप्रेस

Aarika Singh

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