प्रतीकात्मक चित्र.
राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA), जो औषधि विभाग (DoP) के तहत कार्यरत है, ने 928 अनुसूचित फॉर्मूलेशन की सीलिंग कीमतें और 3,200 से अधिक नई दवाओं की खुदरा कीमतें निर्धारित की हैं. सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस पहल से दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है.
सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों के खर्च को कम करने के लिए, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है:
– 106 दवाएं – उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर
– 172 दवाएं – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर
– 300 दवाएं – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर
– 318 दवाएं – उप-जिला अस्पताल स्तर पर
– 381 दवाएं – जिला अस्पताल स्तर पर
वर्तमान में, PMBJP योजना के तहत 2,047 दवाएं और 300 सर्जिकल, मेडिकल कंज्यूमेबल्स व उपकरण उपलब्ध हैं, जो सभी प्रमुख चिकित्सीय श्रेणियों को कवर करते हैं. औषधि विभाग का लक्ष्य 31 मार्च तक इस संख्या को 2,100 दवाओं और 310 सर्जिकल, मेडिकल कंज्यूमेबल्स व उपकरणों तक बढ़ाने का है. राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा अनुसूचित और गैर-अनुसूचित दोनों प्रकार की दवाओं की कीमतों की निगरानी की जाती है.
-भारत एक्सप्रेस
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