Pralhad Joshi: देश की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के धारवाड़ से लंबे समय से सांसद चले आ रहे प्रह्लाद जोशी को देश के नए शिक्षा मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. वैसे तो मोदी सरकार में उनके पास पहले से ही उपभोक्ता मामलों के साथ-साथ कई अहम मंत्रालय हैं लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद से उनके बारे में जानने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ गई है.
खासकर युवा यह जानने में खासे दिलचस्पी ले रहे हैं कि आखिर देश की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाले प्रह्लाद जोशी की खुद की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है.
अगर बात प्रह्लाद जोशी की शिक्षा की करें, तो उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कर्नाटक के हुबली स्थित रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए कर्नाटक यूनिवर्सिटी के श्री कदासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज का रुख किया और कला यानी बीए (BA) में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.
खास बात यह है कि वे कॉलेज के दिनों से ही छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे और पढ़ाई पूरी होते ही पूरी तरह से राजनीति के मैदान में उतर आए.
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर काफी संघर्षों और बड़े आंदोलनों से भरा रहा है. नब्बे के दशक यानी साल 1992 से 1994 के बीच वे तब देश भर की सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने ऐतिहासिक हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के लिए एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया था. इसके अलावा उन्होंने देशहित से जुड़े कश्मीर बचाओ आंदोलन की कमान भी संभाली थी.
साल 1995 में औपचारिक रूप से बीजेपी से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनानी शुरू कर दी. वे 1995 से 1998 तक कर्नाटक के धारवाड़ जिले में बीजेपी के अध्यक्ष रहे और फिर 1998 से 2003 तक जिला महासचिव की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद साल 2004 में उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा और धारवाड़ सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे.
ये भी पढे़ं- 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट्स तक के लिए बड़ा मौका, जानिए किन विभागों में बंद हो रहे हैं फॉर्म
संगठन और सरकार दोनों में लंबा अनुभव रखने वाले प्रह्लाद जोशी साल 2014 से 2016 तक कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. मोदी सरकार के दूसरे और तीसरे कार्यकाल में वे लगातार अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते आ रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्रालय से लेकर कोयला, खान, और उपभोक्ता मामलों के बाद अब उन्हें देश के शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा भी दे दिया गया है जिसे संभालने के लिए वह पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
प्रो. हिमांशु राय और सुब्बू चिदंबरन की पुस्तक 'हिंदुइज्म बियॉन्ड हेडलाइन्स' का रिव्यू. वेदों, कर्म…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स…
दिल्ली के मोहन गार्डन में एक सरकारी स्कूल के बाहर 12वीं के छात्र की चाकू…
सुप्रीम कोर्ट ने हालिया राजनीतिक विरोध मार्च और एसआईआर मामले पर सुनवाई करते हुए केंद्र…
रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक…
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका रूस से ऊर्जा आयात करने वाले…