चुनाव

घोषणा पत्रों की जादुई दुनिया, बिहार बन रहा है ‘न्यू दुबई’?

Bihar Elections 2025: विधानसभा चुनाव 2025 में सियासी दलों के घोषणा पत्रों ने जनता की आंखें चौंधिया दी हैं. महागठबंधन और एनडीए दोनों ने ऐसे-ऐसे वादे किए हैं कि पढ़ते ही लगता है मानो बिहार जल्द ही दुबई बनने वाला है. सोशल मीडिया पर इन वादों को लेकर खूब चर्चा हो रही है और लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि अगर ये सारे वादे पूरे हो गए तो गूगल मैप भी कहेगा “Welcome to New Bihar”.

महागठबंधन का दावा

महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव ने युवाओं को सरकारी नौकरियों का वादा किया है तो वहीं एनडीए ने दावा किया है कि उन्होंने अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार दिया है और आगे एक करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेंगे. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी से लेकर डिजिटल बिहार तक हर क्षेत्र में बड़े-बड़े वादों की झड़ी लग गई है.

NDA का वादा

दूसरी तरफ, एनडीए भी कुछ कम नहीं है. अपने घोषणापत्र में उसने केजी-पीजी तक मुफ्त शिक्षा, एक करोड़ नौकरियां और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है.

उत्सुकता और संदेह

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन वादों में हकीकत कितनी है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन जनता के बीच इन घोषणाओं को लेकर उत्सुकता और संदेह दोनों है. आम लोग कह रहे हैं कि घोषणापत्र पढ़कर ऐसा लग रहा है जैसे नेताओं को जादू की छड़ी मिल गई हो और अब बस ‘आबरा का डाबरा’ बोलते ही सब कुछ बदल जाएगा.

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कुछ लोगों का ये भी कहना है, “घोषणा पत्र में सपने इतने बड़े हैं कि पढ़कर नींद उड़ जाए. अगर ये सब वादे पूरे हो गए तो अगली बार बिहार में चुनाव की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.”

हालांकि, चुनावी मौसम में वादे करना कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार के घोषणापत्रों ने अनुमान को भी पीछे छोड़ दिया है. अब देखना यह है कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा करती है और वोट की ताकत से किसे ‘मैजिक वॉन्ड’ सौंपती है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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