मनोरंजन

…तो 1 हफ्ते में आपकी स्मोकिंग छूट जाएगी! अरशद वारसी ने बताया सिगरेट की लत से छुटकारा पाने का सीक्रेट

धूम्रपान हमारी सेहत के लिए किसी अघात से कम नहीं है. रोज़ाना सिगरेट पीने वाले लोग सिर्फ फेफड़ों की बीमारी ही नहीं, बल्कि दिल की समस्याओं, स्ट्रोक और कई तरह के कैंसर की चपेट में भी आ सकते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे एक खतरनाक लत मानते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देती है.

लेकिन अगर कोई अपनी आदत को छोड़ देता है, तो स्वास्थ्य जोखिम काफी हद तक कम हो सकते हैं. यही संदेश हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी ने अपने अनुभव के जरिए दिया.

कैसे बदली अरशद की जिंदगी?

एक इंटरव्यू में अरशद ने बड़े ही देसी अंदाज में अपनी आपबीती सुनाई. उन्होंने बताया कि वह तीन दशकों से भी ज्यादा समय से स्मोकिंग कर रहे थे और उन्हें कभी नहीं लगा था कि वह इसे छोड़ पाएंगे. लेकिन अपनी फिटनेस और परिवार की खातिर उन्होंने मन पक्का किया. उन्होंने इसके लिए किसी महंगी थेरेपी का नहीं, बल्कि एक मोबाइल ऐप का सहारा लिया.

अरशद कहते हैं, ‘शुरुआत में मुझे भी लगा कि भला कोई ऐप सिगरेट कैसे छुड़वा सकता है? लेकिन मैं इसे छोड़ने के लिए इतना बेचैन था कि सोचा एक बार ट्राई करने में क्या हर्ज है.’ उन्होंने ‘QuitSure’ नाम के एक ऐप का जिक्र करते हुए बताया कि इस तकनीक ने उनके ‘सबकॉन्शियस माइंड’ (अवचेतन मन) पर काम किया. यह ऐप आपके दिमाग को यह समझने के लिए दोबारा ट्रेन करता है कि निकोटिन असल में आपके शरीर के साथ क्या खेल खेल रहा है. अरशद के मुताबिक, बिना किसी कड़े साइड इफेक्ट के उन्होंने सिर्फ सात दिनों में सिगरेट से तौबा कर ली.

क्यों लगती है सिगरेट की लत?

डॉक्टरों की मानें तो सिगरेट में मौजूद निकोटिन सीधा आपके दिमाग पर हमला करता है. जैसे ही आप कश खींचते हैं, निकोटिन खून के जरिए दिमाग तक पहुंचता है और ‘डोपामिन’ रिलीज करता है. यह वही ‘फील-गुड’ हार्मोन है जो आपको कुछ पल की खुशी या सुकून का एहसास कराता है. धीरे-धीरे दिमाग इस नकली सुकून का गुलाम हो जाता है और बार-बार सिगरेट की मांग करने लगता है.

अगर आपको लगता है कि धुआं सिर्फ फेफड़ों तक जाकर रुक जाता है, तो आप गलत हैं. हर साल लाखों लोग इस धुएं की वजह से जान गंवाते हैं. एक सिगरेट के धुएं में करीब 7,000 से ज्यादा केमिकल होते हैं, जिनमें से 70 सीधे तौर पर कैंसर पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं.

धूम्रपान आपके शरीर के खून को गाढ़ा कर देता है, जिससे नसों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है और हार्ट अटैक की नौबत आ जाती है. सिर्फ फेफड़े ही नहीं, बल्कि मुंह, गला और खाने की नली का कैंसर भी स्मोकिंग की देन हो सकता है. यह फेफड़ों को इतना कमजोर कर देता है कि सीढ़ियां चढ़ने में भी इंसान हांफने लगता है.

अरशद वारसी की कहानी हमें सिखाती है कि लत चाहे कितनी भी पुरानी क्यों न हो, सही रणनीति और मजबूत इरादे से उसे हराया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: पंजाब आए गृह मंत्री अमित शाह ने केसरिया पगड़ी पहनकर भरी हुंकार, मोगा में बदलाव रैली से अगले चुनाव की तैयारी

-भारत एक्सप्रेस

 

Shreyansh Choubey

Recent Posts

सीएम नायब सैनी समेत हरियाणा बीजेपी के 48 विधायक पीएम मोदी से मिलेंगे, जानिए क्या है एजेंडा?

PM Modi Haryana BJP Meeting: हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता…

45 seconds ago

‘वैश्विक मंच पर गूंज रही भारत की संस्कृति!’ PM मोदी ने बताया गजेंद्र शेखावत के काम का सीक्रेट, तावड़े बोले- जय हो

Gajendra Singh Shekhawat: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जन्मदिन पर भाजपा सांसद विनोद तावड़े…

18 minutes ago

गोल्ड लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! धनतेरस से ठीक पहले सोने के भाव होंगे धड़ाम, जानें आज के ताजा दाम

रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में लगातार सुस्ती…

34 minutes ago

UP के 70 हजार शिक्षकों की बल्ले-बल्ले: 10 साल का इंतजार खत्म, दिवाली से पहले मिलेगा प्रमोशन का तोहफा

Diwali Gift UP Teachers: यूपी के परिषदीय स्कूलों में 2016 से अटका शिक्षकों का प्रमोशन…

54 minutes ago

“कमाल कर दिया पायलट जी…”, सलमान खान हुए भारतीय पायलट की बहादुरी के मुरीद; सोशल मीडिया पर किया खास पोस्ट

आसमान में हुए जानलेवा हमले के बीच सूझबूझ दिखाकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले…

1 hour ago

किसने किया कैप्टन स्मित पर हमला? नाम आया सामने… ओमान में था बैन, ऐसे बना दुबई में पायलट; जानें पूरा कच्चा-चिट्ठा

Smit Machchhar Attack: फ्लाईदुबई FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की…

2 hours ago