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बी.आर. चोपड़ा कृत ‘महाभारत’ के ‘अश्वत्थामा’ नहीं रहे: अभिनेता प्रदीप रावत कैंसर से 5 साल बाद जिंदगी की जंग हारे

Pradeep Rawat Passes Away: भारतीय टीवी जगत से एक दुखद खबर है. बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ में गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र ‘अश्वत्थामा’ का सशक्त किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता प्रदीप रावत (Pradeep Rawat) का निधन हो गया है. वे 74 वर्ष के थे और पिछले पांच वर्षों से ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे थे. उनके निधन की खबर से हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा जगत के साथ-साथ उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है.

अश्वत्थामा से ‘गजनी’ तक का यादगार सफर

प्रदीप रावत को भारतीय टेलीविजन इतिहास में सबसे पहली बड़ी पहचान 1988 में आई बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ से मिली थी. इसमें उनके द्वारा निभाए गए ‘अश्वत्थामा’ के अभिनय को काफी सराहा गया था. इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में आमिर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गजनी’ में मुख्य खलनायक की भूमिका निभाकर देश भर में तहलका मचा दिया था. इसके अलावा उन्होंने ‘लगान’ (देवा), ‘सरफरोश’ और कई दक्षिण भारतीय फिल्मों में दमदार अभिनय से अपनी खास पहचान बनाई.

पौराणिक इतिहास में कौन हैं ‘अश्वत्थामा’?

महाभारत ग्रंथ की कथा के अनुसार, गुरु द्रोण के पुत्र अश्वत्थामा को आठ अष्ट-चिरंजीवियों (अमर आत्माओं) में से एक माना गया है. महाभारत युद्ध के अंतिम चरण में, जब अश्वत्थामा ने रात के अंधेरे में पांडव पुत्रों का वध किया और उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चला दिया, तब भगवान श्रीकृष्ण अत्यंत क्रोधित हो गए थे.

श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा के माथे से उनकी जन्मजात मणि छीन ली थी और उन्हें शाप दिया था कि वे हजारों वर्षों तक घावों, मवाद और असहनीय पीड़ा से ग्रसित होकर निर्जन स्थानों में अकेले भटकते रहेंगे. पौराणिक कथाओं में माना जाता है कि अश्वत्थामा आज भी जीवित हैं और माथे में हुए घाव की वेदना झेल रहे हैं.

Swati Pandey

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