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सिंगर जुबीन गर्ग की मौत पर इस देश ने दी अनोखी श्रद्धांजलि

मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. 19 सितंबर को सिंगापुर में एक परफॉर्मेंस से ठीक पहले उनकी मौत हो गई थी. शुरुआत में कहा गया कि उनकी मौत स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है. यही वजह है कि इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

पुलिस ने तेज की जांच

जुबीन की पत्नी ने उनकी मौत पर शक जताया था जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी. अब तक इस केस में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें इवेंट मैनेजर और जुबीन के निजी मैनेजर भी शामिल हैं. CID ने इस मामले में हत्या की धारा भी जोड़ दी है और एक टीम को सिंगापुर भेजने की तैयारी की जा रही है.

असम में 60 से ज्यादा FIR

जुबीन गर्ग की मौत के बाद असम में 60 से ज्यादा FIR दर्ज हुईं. इससे साफ है कि लोग इस घटना को लेकर बेहद गंभीर हैं. असम सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा.

श्रद्धांजलि देने का एक अनोखा तरीका

इस बीच सिंगापुर ने जुबीन को श्रद्धांजलि देने का एक अनोखा तरीका अपनाया है. जिस आइलैंड पर जुबीन की मौत हुई थी, उसका नाम बदलकर ‘जुबीन गर्ग आइलैंड’ रख दिया गया है. गूगल मैप पर भी अब इस द्वीप का नाम यही दिख रहा है. सोशल मीडिया पर लोग इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं और स्क्रीनशॉट शेयर कर जुबीन को याद कर रहे हैं.

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जुबीन गर्ग की मौत ने उनके फैंस को गहरा सदमा दिया है. एक प्रतिभाशाली कलाकार को इस तरह खो देना संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है. अब सबकी नजरें इस जांच पर टिकी हैं कि आखिर जुबीन की मौत एक हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश. जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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