देश

NDA के काम आई पीएम मोदी-नीतीश कुमार की जोड़ी, महिला शक्ति ने कैसे लिखी जीत की स्क्रिप्ट?

Women Power In Bihar Election: बिहार चुनाव के परिणाम अब करीब-करीब सामने आ गए हैं. इससे तय हो गया है कि NDA सरकार बनाने जा रही है. शाम 5 बजे तक 3 सीटों की जीत के साथ बीजेपी 9 सीटों पर आगे है. वहीं JDU 6 सीटों पर जीत के साथ 77 सीटों पर आगे चल रही है. जबकि, NDA के मुकाबले महागठबंधन 50 के आंकड़े को भी नहीं छू पाया है. ऐसे में अब इस चुनाव में महिला शक्ति पर चर्चा होने लगी है. चर्चा हो रही है कि आखिर BJP-JDU ने पीएम मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐसा क्या किया जो इतनी बंपर जीत मिल रही है.

बिहार में विधानसभा चुनाव 2 चरणों में संपन्न कराए गए थे. दोनों ही चरणों में देखने को मिला की रिकॉर्ड मतदान हुआ. इसमें महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. इसका सीधा फायदा NDA को मिलता हुआ दिख रहा है. आखिर क्या कारण है कि महिलाओं ने इतनी भारी संख्या में मतदान किया कि नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के करीब है.

’10 हजारिया’ योजना बनी मास्टर स्ट्रोक

बिहार में नीतीश कुमार की जीत का सबसे बड़ा और निर्णायक कारण महिला मतदाता रहीं, जिन्होंने पुरुषों के मुकाबले बढ़-चढ़कर वोट किया. इस बार 71.6% महिलाओं ने मतदान किया, जबकि पुरुषों का मतदान 62.8% रहा. चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला रोजगार योजना के तहत 1.21 करोड़ महिलाओं (जो कुल महिला वोटरों का 35% हैं) के खाते में 10,000 की पहली किस्त भेजी. यह योजना नीतीश कुमार के कोर महिला वोट बैंक को मजबूती देने वाला मास्टरस्ट्रोक साबित हुई.

  • 29 अगस्त को नीतीश कुमार ने महिला रोजगार योजना का ऐलान किया.
  • अगस्त में ही उन्होंने कहा कि 18 से 60 साल की महिलाओं को बिजनेस के लिए 10 हजार देंगे.
  • 26 सितंबर को पहली बार महिलाओं के खाते में पैसा आ गया.

इसके मुकाबले महागठबंधन ने 30 हजार रुपये हर साल देने का वादा किया लेकिन यह बेअसर नजर आया. वहीं प्रशांत किशोर ने शराबबंदी को खारिज किया. इससे भी महिलाओं को  डरा हुआ वोट बीजेपी और JDU के पक्ष में गया. नतीजा ये हुआ कि महिलाओं ने नीतीश कुमार को 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी के करीब पहुंचा दिया.

ये भी पढ़ें: चुनावी चर्चा से PK गायब! मांगते थे दूसरों की डिग्री, खुद हुए फेल, NOTA से भी पीछे छूटी जन सुराज

बीजेपी महिला मोर्चा की कमान

बीजेपी ने पूरे देश से महिला मेयर, पूर्व मेयर और विधायक को भी बिहार भेजा. इसमें ‘जीविका दीदियों’ से जुड़ने के साथ-साथ लोकल स्तर पर महिलाओं से संपर्क किया गया. इसका पूरा फायदा बीजेपी को मिला. क्योंकि, बिहार में 1 करोड़ से ज्यादा जीविका दीदी, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं हैं. इन सबके बीच पहुंच बनाने के लिए बीजेपी ने अलग-अलग तरीकों से काम किया. आध्यात्मिक बैठक, ‘शिव चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं के बीच खासा असर किया.

BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानति श्रीनिवासन ने बताया कि महिला मोर्चा की प्रभारी बहनों ने बिहार में अगस्त और सितंबर के महीने में 2 प्रवास किए थे. तब करीब 300 प्रवासी बहनें आस-पास के 7 राज्यों से बिहार आई थीं. बिहार में पहला प्रवास एक सप्ताह का था. तब प्रवासी बहनें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में गई थीं और वहां के जमीनी मुद्दों के बारे में जानकारी हासिल की थी. इसके अलावा, उन्होंने वहां लोकल महिला कार्यकर्ताओं के साथ काम किया. स्थानीय महिला पदाधिकारियों के साथ छोटी-छोटी बैठकें आयोजित की गई इसका पार्टी को फायदा मिला

अन्य योजनाओं का असर

  • 125 यूनिट बिजली फ्री देने से 1.67 करोड़ परिवारों को फायदा हुआ. परिवार में 3 वोटर भी हुए तो सीधे 5 करोड़ NDA के पास आ गए.
  • बुजुर्ग और आश्रित पेंशन 400 से 1100 रुपए की कर दी गई. इसका सीधे तौर पर 1.11 करोड़ लोगों को फायदा हुआ.
  • युवा और नए वोटर ग्रेजुएट बेरोजगारों को एक हजार रुपए महीने भत्ता देने से 7.6 लाख वोटों पर असर हुआ.

ये भी पढ़ें: बिहार के ‘माथे का तिलक’ बना 2025 का चुनाव, मौतों के दौर से गांधी के मार्ग तक..; कैसे बदली लोकतंत्र की तस्वीर?

महिला वोट का गणित समझें

बिहार में 3.51 करोड़ महिला वोटर हैं. इसमें से 1.34 करोड़ जीविका दीदी हैं. मतलब करीब 40% महिला वोटर जीविका दीदी योजना से जुड़ी हैं. महिलाओं पहले से ही नीतीश कुमार की कोर वोटर रही हैं. 10 हजार की योजना के बाद वो और पक्की हो गईं. इसके अलावा भी सरकार ने आशा वर्कर की सैलरी बढ़ाई, ममता कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया. इसका भी सीधा फायदा NDA को मिला. क्योंकि, बिहार में 1 लाख आशा वर्कर, 5 हजार आशा फैसिलिटेटर और 5 हजार से ज्यादा ममता कार्यकर्ता हैं. बिहार में कुल 7.4 करोड़ में से आधे वोट को महिलाएं सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं. इसका असर नतीजों में दिख रहा है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

IT से लेकर AI तक… पीएम मोदी ने गिनाईं कर्नाटक की उपलब्धियां, केरल के लोगों के जज्बे को भी किया सलाम

Kannada Rajyotsava 2026: कन्नड़ राज्योत्सव और केरल पिरवी के खास अवसर पर पीएम मोदी, अमित…

4 minutes ago

UPTET 2026: कोर्ट के डंडे से बदला परीक्षा का गणित, स्कोरकार्ड में फिर होगी नंबरों की हेरफेर

UPTET 2026: UPTET 2026 पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है. कोर्ट ने मूल्यांकन…

40 minutes ago

Gold-Silver Price Today: नवंबर की शुरुआत! जानिए दिल्ली-मुंबई से लेकर चेन्नई तक क्या है सोना-चांदी का नया भाव

Gold-Silver Price Today: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में आज के सोना-चांदी के ताजा रेट…

59 minutes ago

डिजिटल दौर में क्यों उड़ रही है युवाओं की नींद? जोसेफ जाखर ने अपनी किताब ‘Designing Sleep’ में खोले राज

Designing Sleep Book Launch: अच्छी सेहत के लिए अच्छा खानपान और नियमित व्यायाम जितना जरूरी…

1 hour ago

अहोई अष्टमी पर पढ़ें साहूकारनी और स्याहू माता की यह चमत्कारिक पौराणिक कथा, संतान पर कभी नहीं आएगा कोई संकट

अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना…

2 hours ago