बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की भारी भरकम जीत के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जनता के जनादेश और सुशासन की जीत बताई. उन्होंने दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में धन्यवाद समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की सफलता को अब पश्चिम बंगाल की ओर मोड़ने का समय आ गया है और कहा कि बीजेपी की विजय यात्रा गंगा नदी की धारा का अनुसरण करते हुए बिहार से बंगाल तक ‘जंगल राज’ को खत्म करेगी.
शुक्रवार (14 नवंबर) को आयोजित धन्यवाद समारोह में BJP के कई वरीष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल हुए. पीएम मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत पार्टी के तमाम कद्दावर नेता इस जीत का जश्न मनाने के लिए दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर पहुंचे. यहां से प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के बाद मिशन बंगाल को शुरू करने का ऐलान कर दिया. उन्होंने कहा कि गंगा नदी बिहार से हो कर बंगाल में प्रवेश करती है. PM मोदी का संदेश साफ था, बिहार के बाद अब कार्यकर्ताओं के लिए बंगाल मिशन सामने है. यानी 2026 का बंगाल विधानसभा चुनाव.
बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन बंगाल को लेकर कार्यकर्ताओं को कूच करने का आह्नान किया, उसके बाद सत्ताधारी पार्टी से भी पलटवार किया गया. तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने का पश्चिम बंगाल बीजेपी की राजनीति को स्वीकार ही नहीं करेगा. उन्होंने कहा है कि वह बंगाल पर विजय पाना चाहते हैं, मानो बंगाल जमीन का एक टुकड़ा हो. सबसे पहली बात, बंगाल कभी भी नरेंद्र मोदी और बीजेपी की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा. आप पैसा देंगे, आप ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति करेंगे, आप बाहुबल और हिंसा का इस्तेमाल करेंगे. बंगाल ऐसी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा.
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आपको बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव अगले साल(2026) के मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है. प्रधानमंत्री के बयान के बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या बिहार के बाद अब बंगाल में भी बीजेपी अपना परचम लहरा पाएगी. पिछले 2 चुनावों कि बात की जाए तो 2016 बंगाल चुनाव में बीजेपी को मात्र 6 सीटें मिली थीं और 2021 के चुनाव में 6 सीटों से बढ़कर 77 सीटों पर BJP आ खड़ी हुई थी. एक समय तक लेफ्ट के गढ़ माने जाने वाले बंगाल जैसे राज्य में बीजेपी सबसे बड़ी विपक्ष की पार्टी बनी है. इस सबके इतर बंगाल में TMC के वर्चस्व को नहीं भुलाया जा सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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