देश

आतंकवाद से लेकर व्यापार तक, जानिए BRICS नई दिल्ली डिक्लेरेशन की मुख्य बातें

BRICS New Delhi Declaration: राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का सफल समापन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के साथ हुआ. भारत की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में सदस्य देशों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था से लेकर सुरक्षा तक कई अहम मुद्दों पर अपनी साझा रणनीति और एकजुटता को दुनिया के सामने रखा.

आइए जानते हैं ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र की 10 सबसे महत्वपूर्ण बातें:

1. आतंकवाद पर कड़ा संदेश और पहलगाम हमले की निंदा

घोषणापत्र में आतंकवाद के हर रूप की सख्त शब्दों में निंदा की गई है. इसमें 22 अप्रैल 2025 को हुए दर्दनाक पहलगाम आतंकी हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी.

2. सीमा पार आतंकवाद और शरणदाताओं पर नकेल

सदस्य देशों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद, उसकी फंडिंग (फाइनांसिंग) और आतंकियों को पनाह देने वाले मुल्कों या संगठनों के खिलाफ एकजुट होकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

3. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं

ब्रिक्स देशों ने एक सुर में कहा कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़ना पूरी तरह गलत है.

4. आतंकियों की जवाबदेही तय हो

आतंकी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सामूहिक रूप से जवाबदेही तय करने का आह्वान किया गया.

5. UN की आतंकरोधी संधि जल्द लागू करने की मांग

अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्तावित व्यापक सम्मेलन (CCIT) को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अपनाने की पुरजोर वकालत की गई.

6. एकतरफा टैरिफ और पाबंदियों की आलोचना

पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जाने वाले एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों पर चिंता जताई गई. घोषणापत्र में कहा गया कि व्यापार से जुड़े सभी कदम विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के दायरे में होने चाहिए.

7. बढ़ते परमाणु खतरे पर वैश्विक चिंता

दुनिया में बढ़ते सैन्य तनाव और परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल के खतरे को लेकर गहरा संताप व्यक्त किया गया.

8. ब्रिक्स के मूल सिद्धांतों की मजबूती

संगठन ने आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, एकजुटता, और सर्वसम्मति से फैसले लेने की अपनी पुरानी प्रतिबद्धता को दोहराया.

9. वैश्विक मंचों पर बहुध्रुवीय व्यवस्था का समर्थन

विकासशील देशों की आवाज को बुलंद करने और वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया.

10. भारत की अध्यक्षता की जमकर तारीफ

शिखर सम्मेलन के दौरान भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स प्लस और रीच-आउट संवाद की सभी सदस्य देशों ने खुले दिल से सराहना की.

यह भी पढ़ें: ‘तस्वीरों से आगे, जमीनी शांति की दरकार…’ ब्रिक्स सम्मेलन के बीच जानिए क्या भारत-चीन रिश्तों में घुलेगी मिठास

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

Asian Games 2026: आखिरी दिन भारत का शानदार आगाज, 17 साल की कुमकुम ने दिलाया 17वां गोल्ड

Asian Games 2026: 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में शूटऑफ के…

20 minutes ago

आज का पंचांग: आश्विन कृष्ण सप्तमी आज, जानें कब है अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल?

Aaj Ka Panchang 3 October 2026: आज आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि है. जानें अभिजीत मुहूर्त,…

49 minutes ago

Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: काम में बदलाव के संकेत, बढ़ेगी भागदौड़; खर्च पर रखें नियंत्रण

Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: मेष राशि वालों के लिए आज कार्यस्थल पर बदलाव और…

2 hours ago

आज का राशिफल वृष राशि : कामकाज में नए विचार आएंगे, पुराने अटके कामों को मिलेगी गति

Aaj Ka Rashifal Vrish Rashi: वृष राशि वालों के लिए आज पुराने अटके कामों में…

2 hours ago