हमलोग तलाक के बारे में सुनते आएं हैं. जब भी तलाक की बात होती है तो पति पत्नी को गुजारा भत्ता देता है. लेकिन आपने कभी ये सोचा है कि क्या पति भी पत्नी से गुजारा भत्ता मांग सकता है? अगर आप ये सोच रहे हैं तो बिलकुल सही है. जी हां, अगर पति आर्थिक रूप से कमजोर है और पत्नि की आमदनी अच्छी है तो पति भी एलिमनी की मांग कर सकता है.
हिंदू विवाह अधियनिम 1955 की धारा 24 और 25 कहता है कि तलाक या वैवाहिक विवाद के बाद पति या पत्नी में से कोई भी पक्ष कोर्ट से गुजारा भत्ता की मांग कर सकता है. यह प्रावधान पूरी तरह से बराबरी का हकदार बनाता है. अगर पति ये साबित कर दता है कि उसकी कमाई कम है और वह खुद का खर्चा उठाने में असमर्थ है और पत्नी की कमाई उससे ज्यादा है तो इस स्थिति में कोर्ट पत्नी को एलिमनी देने का आदेश दे सकता है.
हाल ही में ज्योति मौर्या (Jyoti Maurya) का मामला सामने आया है जिसमें पति ने दायर याचिका दर्ज किया है. यहां पर ज्योति मौर्या एक अधिकारी है और उनका पति एक साधारण सरकारी कर्मचारी है. ज्योति के पति आलोक कुमार मौर्या (Alok Kumar Maurya) ने कोर्ट में एक याचिका दायर की है कि वह अलग-अलग कई बिमारियों से पीड़ित है और वह इसका खर्च उठाने में असमर्थ है. इसलिए उन्हें गुजारा भत्ता मिलनी चाहिए. सबसे पहले आलोक ने ये याचिका फैमली कोर्ट में दायर की थी लेकिन वहां खारिज कर दिया गया. अब हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की तारीख तय कर दी है.
इससे साफ है कि कानून सबके लिए बराबर है. अगर कोई पति आर्थिक रूप से कमजोर है, तो वह भी पत्नी से एलिमनी मांग सकता है. बस उसे कोर्ट में अपनी स्थिति को सही तरीके से साबित करना होगा. यह जानना जरूरी है कि तलाक के बाद सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुरुषों को भी न्याय मिल सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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