Datia Viral Letter Fact Check: दतिया/रविन्द्र कुशवाह: मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज सुबह से मतदान (Voting) जारी है. मतदाता सुबह से ही लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और विकास के नाम पर अपना वोट डाल रहे हैं. लेकिन, वोटिंग की इस गहमागहमी और कड़े मुकाबले के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा पत्र वायरल हो गया, जिसने सुबह-सुबह राजनीतिक हलकों और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया.
इस पत्र में दावा किया गया कि ‘भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने आधी रात को बड़ा एक्शन लेते हुए दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से निष्कासित कर दिया है.’ वोटिंग से ठीक पहले कुशवाह समाज के इतने बड़े भाजपा नेता पर ऐसी कथित कार्रवाई की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई. आइये जानें इस वायरल लेटर में कितनी सच्चाई है.
जब हमारी टीम ने वायरल पत्र की सत्यता जांची और भाजपा के आधिकारिक सूत्रों से संपर्क किया, तो यह दावा पूरी तरह से फर्जी (FAKE) निकला. दतिया में चल रही वोटिंग को प्रभावित करने और मतदाताओं में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से यह फर्जी लेटर तैयार किया गया था.
भाजपा मीडिया प्रभारी का आधिकारिक खंडन: भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने तुरंत सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया. उन्होंने स्पष्ट किया, “सोशल मीडिया पर भाजपा दतिया जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर सिंह कुशवाहा से संबंधित प्रसारित पत्र पूरी तरह फर्जी, भ्रामक एवं दुर्भावनापूर्ण है. भाजपा, मध्यप्रदेश द्वारा ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है.”
दतिया जिलाध्यक्ष का बयान: खुद भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने इस पत्र का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और विरोधियों की साजिश बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दिन माहौल बिगाड़ने और कुशवाह समाज के वोटरों को भ्रमित करने के लिए यह फर्जी लेटर वायरल किया गया है.
पार्टी की अपील: भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने दतिया की जनता और सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और केवल पार्टी के आधिकारिक हैंडल तथा प्रामाणिक समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें.
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दतिया उपचुनाव के लिए मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. फर्जी पत्र के वायरल होने के बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम भी अलर्ट हो गई है ताकि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर चुनाव प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसा जा सके. प्रशासन ने मतदाताओं से शांतिपूर्ण और बिना किसी बहकावे के मतदान करने का आग्रह किया है.
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