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दतिया में टिकट कटने के बाद अंदरूनी कलह तेज, क्या विपक्ष उठा ले जाएगा ‘वोट बैंक’ का फायदा?

Madhya Pradesh Politics:मनोज चौबे/दतिया:  मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है. बीजेपी द्वारा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद, अब विपक्षी दल कांग्रेस उनके प्रति ‘हमदर्दी’ दिखाकर दतिया के ब्राह्मण वोट बैंक को अपने पाले में करने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

दतिया उपचुनाव में बीजेपी द्वारा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद कांग्रेस उनके पक्ष में खड़ी नजर आ रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधायक फूल सिंह बरैया ने बीजेपी पर ब्राह्मण विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है. पटवारी का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को चुनौती न मिले, इसलिए नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा गया. कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए दतिया के ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश में जुटी है.

दतिया में ब्राह्मण कार्ड और बीजेपी में गुटबाजी का आरोप (Brahmin vote bank)

दतिया उपचुनाव इन दिनों राजनीतिक बयानों के चलते देश और प्रदेश की सुर्खियों में बना हुआ है. भारतीय जनता पार्टी में कथित गुटबाजी और ब्राह्मण नेताओं को हाशिए पर धकेलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने यहां बड़ा दांव खेला है. कांग्रेस इसे ब्राह्मण नेताओं की ‘राजनीतिक हत्या’ करार देकर ब्राह्मण मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रही है. यही वजह है कि टिकट कटने के बाद से खुद नरोत्तम मिश्रा के बयानों में भी तल्खी देखी जा रही है, जहाँ वे कभी पुलिस को हिदायत दे रहे हैं तो कभी इशारों-इशारों में अपनी ही पार्टी के नेताओं की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं.

जीतू पटवारी और फूल सिंह बरैया के तीखे हमले  (Phool Singh Baraiya)

इस सियासी घमासान के बीच कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है. भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने सबसे पहले बीजेपी पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप मढ़ा था. अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी जातिवाद की राजनीति को हवा देते हुए सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधा है. दतिया पहुंचे पटवारी ने नरोत्तम मिश्रा की तारीफ करते हुए कहा कि बीजेपी एक नफरत फैलाने वाली पार्टी है. उन्होंने दावा किया कि अगर नरोत्तम मिश्रा चुनाव जीत जाते, तो वे सीएम मोहन यादव के लिए चुनौती बन सकते थे, इसीलिए जानबूझकर उनका टिकट कटवाया गया.

अटल जी के रिश्तेदार अनूप मिश्रा का भी दिया हवाला (factionalism within the BJP)

जीतू पटवारी ने ग्वालियर-चंबल संभाग के पुराने इतिहास को दोहराते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी ने अपने कद्दावर ब्राह्मण नेताओं को दरकिनार किया हो. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्तेदार और बड़े नेता अनूप मिश्रा को भी पार्टी ने बेदखल किया था और अब यही हश्र नरोत्तम मिश्रा का किया गया है. पटवारी ने साफ किया कि नरोत्तम मिश्रा भले ही उनके वैचारिक विरोधी हैं और वे उनकी कमियों को उजागर करते रहेंगे, लेकिन उनके साथ जो राजनीतिक अन्याय हुआ है, उसे जनता के सामने लाना जरूरी है.

यह भी पढ़ें:  राम मंदिर चढ़ावा केस: 39 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजे गए दोनों आरोपी, अब खुलेगा गबन का पूरा राज?

-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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