विदेश मंत्री एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी रोकने का निर्णय दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत से लिया गया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने अमेरिका समेत सभी देशों को साफ-साफ बता दिया था कि अगर पाकिस्तान को संघर्ष रोकना है, तो उसे भारत के सैन्य अधिकारियों से सीधे संपर्क करना होगा.
नीदरलैंड्स के समाचार चैनल NOS को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक हॉटलाइन व्यवस्था है, और इसी के ज़रिए 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने संदेश भेजा कि वे गोलीबारी रोकने को तैयार हैं. भारत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोलीबारी रोक दी.
जब उनसे अमेरिका की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो जयशंकर ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उनसे बात की थी, जबकि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी. उन्होंने कहा कि जब दो देशों के बीच तनाव होता है, तो दुनिया के अन्य देश स्वाभाविक रूप से बातचीत के लिए कॉल करते हैं, अपनी चिंता जताते हैं और समाधान की पेशकश करते हैं. लेकिन इस मामले में सीधी बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच ही हुई थी.
जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार की नीति एकदम स्पष्ट है – अगर भारत पर आतंकवादी हमला होता है, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र द्वारा चिन्हित आतंकियों के ठिकानों पर निशाना साधा गया.
उन्होंने कहा कि जब भारत ने आतंकी ठिकानों पर हमला किया, तो पाकिस्तान की सेना ने भारतीय ठिकानों पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद चार दिन तक दोनों ओर से जवाबी कार्रवाई चलती रही. फिर 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के आठ एयरबेस पर बड़ी कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तान की वायुसेना की कई बेस नॉन-ऑपरेशनल हो गईं. जयशंकर के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई इतनी निर्णायक थी कि पाकिस्तानी सेना को बातचीत के लिए तैयार होना पड़ा.
जब पूछा गया कि क्या ऑपरेशन सिंदूर अभी भी चल रहा है, तो जयशंकर ने कहा कि यह ऑपरेशन जारी है क्योंकि इसका मकसद एक स्पष्ट संदेश देना है — अगर भारत पर हमला होगा, तो जवाब भी ज़रूर मिलेगा. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई चलती रहेगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच गोलीबारी भी जारी है. फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्षविराम लागू है और सेनाएं अपने स्थानों पर फिर से तैनात हो रही हैं.
जयशंकर ने एक बार फिर दोहराया कि संघर्षविराम पूरी तरह भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी बातचीत का नतीजा है. उन्होंने कहा, “हमने सभी देशों को साफ कह दिया था कि अगर पाकिस्तान को गोलीबारी बंद करनी है, तो उन्हें हमें सीधे बताना होगा. और यही हुआ — उनके जनरल ने हमारे जनरल को फोन किया, और तभी यह तय हुआ कि अब गोलीबारी नहीं होगी.”
22 अप्रैल के आतंकवादी हमले के बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों के 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया.
इस हमले के जवाब में पाकिस्तान ने एलओसी और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में गोलाबारी और ड्रोन हमलों की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस, रडार और संचार केंद्रों पर जवाबी हमला कर उन्हें नुकसान पहुंचाया.
-भारत एक्सप्रेस
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