Vaishno Devi Landslide: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के कारण भयानक भूस्खलन हुआ. यह घटना मुख्य रूप से अर्धकुंवारी क्षेत्र में घटी, जहां पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने से श्रद्धालु दब गए. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में अब तक 34 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि शुरुआती रिपोर्ट्स में 5 मौतें और 14 घायलों का जिक्र था. मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि बचाव कार्यों में और शव बरामद हो रहे हैं.
वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे, जब यह तबाही मची. मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद, कई तीर्थयात्री रूट पर थे, जिससे हादसे की गंभीरता बढ़ गई. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुष्टि की कि भूस्खलन में 33 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक घायल हैं. उन्होंने कटरा के पास माता वैष्णो देवी नारायण अस्पताल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की. सिन्हा ने कहा कि प्रशासन घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहा है.
अलग-अलग रिपोर्ट्स में मौतों की संख्या 30 से 34 तक बताई जा रही है, जो बचाव अभियान की प्रगति के साथ अपडेट हो रही है. डोडा जिले में भी भारी बारिश से आई बाढ़ में 4 लोगों की मौत हुई है. कुल मिलाकर, जम्मू संभाग में भूस्खलन और बाढ़ से 30 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, और वैष्णो देवी यात्रा को पूरी तरह रोक दिया गया है.
27 अगस्त को मां वैष्णो देवी क्षेत्र में एक और भूस्खलन की घटना घटी, जिसमें 3 युवक तेज बहाव में लापता हो गए. भारी बारिश ने जम्मू के हालात को बेहद खराब कर दिया है, सड़कें अवरुद्ध हैं और कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है. एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं. दिल्ली और लुधियाना से अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं, जो अखनूर, सांबा और रियासी में तैनात हैं. बीएसएफ के कुछ जवान भी फंसे थे, जिन्हें सुरक्षित निकाला गया. मौसम में सुधार होने पर ऑपरेशन में तेजी आएगी, लेकिन लगातार बारिश चुनौती बनी हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रशासन सभी प्रभावितों की मदद कर रहा है.” पीएम ने सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना भी की. जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और राहत कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी. श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को सावधानी बरतने की अपील की है और यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है.
एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य कर रही हैं. भूस्खलन के कारण रूट पर मलबा जमा हो गया है, जिसे हटाने में समय लग रहा है. जिला प्रशासन और पुलिस हालात पर नजर रखे हुए हैं. पिछले 24 घंटों की लगातार बारिश ने जम्मू संभाग में बाढ़ की स्थिति को और खराब कर दिया है. दूरस्थ इलाकों में भी एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति में सुधार होने तक यात्रा बहाल नहीं की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और भारी बारिश के खतरों को उजागर किया है, जिससे तीर्थस्थलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.
यह भी पढ़िए: कटरा-वैष्णो देवी मार्ग पर बड़ा हादसा, अर्धकुंवारी में भूस्खलन से दर्जनों श्रद्धालुओं की मौत, 14 घायल
Also Follow Bharat Express on X
Netanyahu UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर…
IRDAI ने बीमा कंपनियों के खर्च और एजेंट कमीशन को नियंत्रित करने के लिए नए…
Benjamin Netanyahu UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के पीएम बेन्यामिन नेतन्याहू के भाषण…
PM modi news: पीएम मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रहे युवाओं से बातचीत में…
Ahmedabad doctor fee: अहमदाबाद के 81 वर्षीय डॉक्टर नंदलाल मनसेटा मरीज की मासिक कमाई के…
UP News: गाजीपुर में ANTF टीम ने चेकिंग के दौरान 2 करोड़ 5 लाख की…