भारतीय राजनीति में रविवार, 22 मार्च 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख (Head of Government) रहने वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 8,931 दिनों की सेवा का नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को ‘अमृतकाल का सारथी’ बताते हुए हार्दिक बधाई दी. सीएम योगी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से ओतप्रोत मोदी जी का नेतृत्व ‘अंत्योदय से राष्ट्रोदय’ की संकल्पना को साकार कर रहा है और यह उपलब्धि 145 करोड़ भारतीयों के उन पर भरोसे की जीत है.
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक पद पर रहते हुए चामलिंग के रिकॉर्ड को पार कर लिया है. इस कार्यकाल में उनके गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में बिताए गए 12 से अधिक साल और 2014 से अब तक प्रधानमंत्री के रूप में उनका निरंतर नेतृत्व शामिल है.
]बता दें कि यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि मोदी जी गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं और स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) में जीत हासिल कर जन-समर्थन की नई परिभाषा लिखी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र की सराहना की. उन्होंने कहा कि इसी सुपथ पर चलते हुए भारत ने न केवल सुशासन के मॉडल को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया है बल्कि वैश्विक पटल पर भी भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर स्थापित किया है.
वहीं सीएम योगी ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए कामना की कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत प्रगति, समृद्धि और वैभव के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे. यह कीर्तिमान न केवल उनकी दृढ़ता और अनुभव को दर्शाता है, बल्कि उनकी निरंतर जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह उपलब्धि केवल दिनों की संख्या नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए बुनियादी ढांचागत बदलावों और कल्याणकारी योजनाओं की सफलता का परिणाम है. चामलिंग जैसे दिग्गज नेता को पीछे छोड़ना यह साबित करता है कि मोदी जी का करिश्मा और उनकी कार्यशैली न केवल एक राज्य (गुजरात) तक सीमित रही, बल्कि पूरे राष्ट्र ने उन्हें बार-बार खुले दिल से स्वीकार किया है. यह मील का पत्थर आने वाली पीढ़ियों के लिए निरंतर जनसेवा और कड़े परिश्रम का एक जीवंत उदाहरण रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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