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यौन शोषण मामला: पास्टर बाजिंदर सिंह पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय महिला आयोग ने पंजाब के जालंधर में यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे पास्टर बाजिंदर सिंह के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. आयोग की अध्यक्ष विजया रहटकर के नेतृत्व में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब पुलिस से भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसके साथ ही आयोग ने पुलिस से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट और एफआईआर की प्रति प्रस्तुत करने को कहा है.

जालंधर में स्थित एक चर्च के प्रमुख पास्टर बाजिंदर सिंह पर एक महिला ने यौन शोषण और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान का दुरुपयोग कर महिला का मानसिक और शारीरिक शोषण किया. इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया और इसे महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की.

राष्ट्रीय महिला आयोग का सख्त रुख

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आयोग ने पंजाब पुलिस को निर्देशित किया है कि—

1. तीन दिनों के भीतर एफआईआर की प्रति और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए.
2. आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.
3. पीड़िता की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएं ताकि उसे किसी भी प्रकार की धमकी या प्रताड़ना का सामना न करना पड़े.
4. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.

भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत होगी सख्त कार्रवाई

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस कानून के तहत महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है. आयोग ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में पुलिस की ओर से कोई लापरवाही सामने आती है तो आयोग उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करेगा. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग खुद इस पर निगरानी रखेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई के लिए हस्तक्षेप करेगा. आयोग ने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस 

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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