Nishant Kumar MLC
Bihar MLC elections 2026: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. आने वाले बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें कई नए और चर्चित नाम शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि इस बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और राज्य के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (Nishant Kumar MLC) को भी पार्टी ने चुनावी मैदान में उतारा है, जिससे राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है.
बिहार में विधान परिषद की कुल 9 सीटों पर चुनाव होने हैं, जबकि एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा. इन्हीं सभी सीटों को ध्यान में रखते हुए जेडीयू ने अपने चार उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. पार्टी ने द्विवार्षिक चुनाव के लिए तीन प्रत्याशियों को चुना है, जबकि उपचुनाव के लिए एक अलग नाम तय किया गया है.
उपचुनाव वाली सीट पर जेडीयू ने ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, द्विवार्षिक चुनाव के लिए जिन नामों की घोषणा की गई है, उनमें पटना जिला से निशांत कुमार, मधुबनी से भारती मेहता और पश्चिम चंपारण से शिवरानी देवी प्रजापति शामिल हैं. इस सूची में दो महिला उम्मीदवारों को जगह देकर पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व को भी बढ़ावा देने की कोशिश की है. कुल मिलाकर जेडीयू की इस सूची से यह साफ है कि पार्टी इस चुनाव में नए चेहरों और संतुलित प्रतिनिधित्व पर फोकस कर रही है.
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनकी खाली हुई सीट पर अब उपचुनाव हो रहा है. उनके इस्तीफे के बाद बिहार में एनडीए की सरकार सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी. हाल ही में मई में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली थी. उन्होंने उस समय कहा था कि बिहार की जनता का समर्थन उनके साथ है और वे लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे.
सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में निशांत कुमार स्वास्थ्य मंत्री का काम संभाल रहे हैं, लेकिन फिलहाल वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. नियम के अनुसार मंत्री बनने के बाद 6 महीने के भीतर उन्हें विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी एक का सदस्य बनना जरूरी है. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद निशांत कुमार सक्रिय रूप से राजनीति में शामिल हुए.
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बिहार में विधानपरिषद की 9 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को प्रस्तावित हैं. 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जबकि महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. इस स्थिति में 10 में से एक सीट पर महागठबंधन की जीत की संभावना मानी जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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