बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब राज्यसभा सांसद के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है. शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में उन्होंने उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें खास अंदाज में बधाई देते हुए उनके राजनीतिक सफर और बिहार के विकास में उनके योगदान की जमकर तारीफ की.
पीएम ने क्यों कहा- ‘बढ़ जाएगी संसद की गरिमा’?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नीतीश कुमार के लिए एक बेहद गर्मजोशी भरा संदेश लिखा. प्रधानमंत्री ने उन्हें देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि नीतीश जी का विजन और सुशासन (Good Governance) के प्रति उनकी निष्ठा बेमिसाल है.
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नीतीश कुमार ने बिहार को बदलने के लिए जो काम किए हैं, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्हें फिर से संसद में देखना न केवल सुखद है, बल्कि यह गौरव की बात भी है. मोदी ने भरोसा जताया कि नीतीश कुमार के पास जो दशकों का राजनीतिक अनुभव है, उससे राज्यसभा की गरिमा और ज्यादा बढ़ेगी. याद रहे कि नीतीश कुमार पहले भी सांसद और केंद्रीय मंत्री के तौर पर दिल्ली की राजनीति में अपनी धमक दिखा चुके हैं.
नई दिल्ली में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में माहौल काफी गरिमामय रहा. राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नीतीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस खास मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों तरफ के बड़े चेहरे मौजूद थे.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और जेडीयू के तमाम बड़े नेताओं के अलावा कांग्रेस के जयराम रमेश भी वहां नजर आए. यह नजारा दिखाता है कि नीतीश कुमार के राजनीतिक कद का सम्मान हर दल में है.
प्रधानमंत्री ने हरिवंश नारायण सिंह को भी राज्यसभा सदस्य मनोनीत होने पर ढेरों शुभकामनाएं दीं. हरिवंश जी पिछले काफी समय से राज्यसभा के उपसभापति की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. कार्यकाल पूरा होने के बाद राष्ट्रपति ने उन्हें एक बार फिर सदन के लिए मनोनीत किया है.
हरिवंश नारायण सिंह की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पत्रकारिता से लेकर सार्वजनिक जीवन तक, उनका योगदान अमूल्य है. मोदी ने उन्हें एक ‘गहरा विचारक’ बताते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और बौद्धिक क्षमता ने पिछले कुछ वर्षों में सदन की चर्चाओं को काफी समृद्ध किया है.
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार और केंद्र की राजनीति के समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. लंबे समय तक बिहार की कमान संभालने के बाद, देश के उच्च सदन में उनकी मौजूदगी गठबंधन की राजनीति और नीति-निर्धारण में बड़ा असर डाल सकती है. वहीं, हरिवंश नारायण सिंह का दोबारा सदन में आना यह बताता है कि सरकार उनके अनुभव और निष्पक्ष कार्यशैली पर कितना भरोसा करती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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