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बंधकों को बचाने से लेकर हथियार चलाने तक: NSG में तैयार हो रहीं महिला कमांडो, अभेद्य बनेगी देश की सुरक्षा

NSG Female Commando: देश की आतंकवाद विरोधी सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ट्रेनिंग अकादमी, मानेसर ने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महिला कर्मियों के लिए पहला महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स शुरू किया है.

12 सप्ताह की अवधि वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मियों को शारीरिक रूप से सशक्त, तकनीकी रूप से दक्ष और आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए पूरी तरह तैयार कमांडो के रूप में विकसित करना है.

कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को शारीरिक प्रशिक्षण, हथियार संचालन और निशानेबाजी, सामरिक हस्तक्षेप (टैक्टिकल इंटरवेंशन), बंधक बचाव (होस्टेज रेस्क्यू) और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े अन्य विशेष विषयों में गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा.

संस्थागत तैयारी होगी मजबूत

एनएसजी के अनुसार, यह पहल केवल व्यक्तिगत प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है. विभिन्न सुरक्षा बलों की महिला कर्मियों को एनएसजी की विशेष आतंकवाद रोधी विशेषज्ञता से जोड़कर देशभर में प्रशिक्षित ऑपरेशनल क्षमता का व्यापक नेटवर्क तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है. इससे सुरक्षा बलों के बीच समान पेशेवर मानक विकसित होंगे और आपसी समन्वय तथा परिचालन क्षमता में भी वृद्धि होगी.

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिला कर्मी अपने-अपने बलों में वापस जाकर उन्नत कौशल और परिचालन अनुभव का उपयोग करेंगी. इससे संस्थागत तैयारी मजबूत होगी और देशभर में आतंकवाद विरोधी क्षमताओं का विस्तार होगा.

महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स बदलेगी दिशा

एनएसजी के अनुसार, पहला महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स केवल सुरक्षा सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें विशेष और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह पहल महिलाओं को आंतरिक सुरक्षा की बदलती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तैयार करेगी.

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इसलिए, पहला एमसीसीसी सुरक्षा कार्यों में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी ही नहीं, बल्कि ऑपरेशनल क्षमता के जरिए उनके सशक्तिकरण का भी प्रतीक है. यह महिलाओं को मुश्किल और खास भूमिकाएं निभाने और आंतरिक सुरक्षा की बदलती चुनौतियों का असरदार ढंग से सामना करने के लिए तैयार करता है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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