देश

The Pathless Path: कॉर्पोरेट चमक से परे, जीवन को नई परिभाषा देती है पॉल मिलर्ड की किताब

 

The Pathless Path Book: कॉर्पोरेट जीवन की चमक-दमक और आए दिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पॉल मिलर्ड की किताब ‘द पाथलेस पाथ’ (The Pathless Path) आपको विचार करने पर मजबूर कर देगी. पारंपरिक सफलता के पैमानों को चुनौती देते हुए यह किताब पाठकों से सवाल करती है कि क्या जिंदगी का असली मकसद केवल बड़ी नौकरी और मोटी तनख्वाह तक सीमित है?

100 में से 95 फीसदी लोग चाहते हैं कि वे उच्च शिक्षा प्राप्त करें, अच्छे पद पर नौकरी करें, और उनका सैलरी पैकेज करोड़ों में जाए. कुछ लोग यह भी चाहते हैं कि वे पढ़ाई करने के बाद विदेश में जाकर एक बेहतर नौकरी करें. लेकिन, ऐसा करने और करने की इच्छा रखने वाले हर एक इंसान से यह किताब सवाल करती है कि क्या यही जीवन का असली मकसद है? अपनी स्थिति को सामने रखते हुए लेखक पॉल मिलर्ड (Paul Millerd) ने यह समझाने की कोशिश की है कि करियर और नौकरी के अलावा भी एक जिंदगी है, जहां इंसान अपनी शर्तों पर रह सकता है.

पॉल मिलर्ड का निजी अनुभव और मोड़

कई वर्षों तक कॉर्पोरेट सेक्टर में उच्च पद और बेहतर करियर के बावजूद पॉल मिलर्ड (Paul Millerd Book) को जब असंतोष महसूस हुआ, तो उन्होंने अपनी नौकरी को छोड़ते हुए एक नए रास्ते की तलाश की. और फिर अपने अनुभव को आधार बनाकर उन्होंने यह किताब लिखी है. किताब में वे साफ तौर पर कहते हैं कि ‘पाथलेस पाथ’ का मतलब है ऐसा रास्ता, जिसका कोई तयशुदा नक्शा नहीं होता. यह वह जीवनशैली है, जहां इंसान अपनी पसंद और मूल्यों को ध्यान में रखकर फैसले करता है, न कि केवल सामाजिक उम्मीदों और परंपराओं के दबाव में.

इस किताब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल प्रेरणा देने के साथ-साथ जीवन की हकीकत को भी सामने रखती है. इस किताब में लेखक अपने संघर्ष, असुरक्षा और डर पर भी बेबाकी से बात करते हैं. वे यह स्वीकार करते हैं कि परंपरागत रास्ते से हटना आसान नहीं है, लेकिन संतुलन और आत्मचिंतन के जरिए एक अर्थपूर्ण जीवन संभव है. यह किताब स्वतंत्रता, आत्मचिंतन और व्यक्तिगत संतुलन पर जोर देती है.

युवाओं और पेशेवरों के लिए सबक

यह किताब उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो अपने करियर या नौकरी में असंतुष्टि महसूस कर रहे हैं और कोई वैकल्पिक राह तलाशना चाहते हैं. यह किताब युवाओं को भी यह समझने में मदद कर सकती है कि सफलता का मतलब हर किसी के लिए अलग हो सकता है और जीवन को परिभाषित करने का अधिकार व्यक्ति के अपने हाथों में है. पॉल मिलर्ड का सरल और आत्मीय अंदाज पाठकों को अपनी ओर खींचता है. वे पाठकों को यह अहसास कराते हैं कि काम जीवन का एक हिस्सा है, पर पूरा जीवन नहीं.

आज की भागदौड़ वाली दुनिया में, जहां लोग अक्सर नौकरी और करियर की पहचान से बंध जाते हैं, वहां ये किताब हमें यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता और संतुलन ही असली सफलता है. व्यक्तिगत तौर पर मेरा ऐसा मानना है कि यह किताब नौकरीपेशा युवाओं से लेकर विभिन्न पेशेवरों के लिए मददगार साबित होगी. यह जीवन की नई संभावनाओं के दरवाजे खोलने वाली किताब है.

ये भी पढ़ें: ‘पाकिस्तान घर जैसा लगता है…,’ राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने दिया विवादित बयान, नेपाल-बांग्लादेश के प्रति भी जाहिर किया प्रेम, मचा बवाल

  • भारत एक्सप्रेस
विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

Recent Posts

ब्रज की आध्यात्मिक विरासत और विकास पर केंद्रित: बरसाना में ‘ललिता कुंज’ टाउनशिप का शुभारंभ, सुनील शेट्टी ने की शिरकत

नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड अभिनेता ने ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक और…

1 hour ago

दिल्ली-NCR सहित कांपी उत्तर भारत की धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके

दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत में रात 10:23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.…

1 hour ago

काशी में ‘पाकिस्तानेश्वर’ महादेव मंदिर का बदला नाम, सिंधी समाज के विरोध के बाद अब कहलाएंगे ‘सिंधु गंगेश्वर’

वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…

2 hours ago

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

3 hours ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

3 hours ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

3 hours ago