Maulana Sajid Rashidi
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने मंगलवार को कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखी. उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा अनियमितता मामले से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने, आतंकवाद, विदेश नीति और उत्तर प्रदेश की राजनीति तक कई विषयों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी.
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर मौलाना रशीदी ने कहा कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी है. उनका कहना था कि यदि वास्तव में इस्तीफा स्वीकार किया जा चुका है, तो इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार यह सवाल उठ रहा है कि यदि फैसला हो चुका है, तो लोगों के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही. उनके अनुसार, किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक संस्था में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए खुलापन और जवाबदेही जरूरी होती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किए जाने पर मौलाना रशीदी ने इसे पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि जब दुनिया के अलग-अलग देश भारत के प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजते हैं, तो यह केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे भारत का सम्मान होता है.
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यदि एक मुस्लिम बहुल देश भारत के प्रधानमंत्री का सम्मान करता है, तो यह भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व की बात है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश के भीतर ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां हर नागरिक खुद को बराबरी, सम्मान और विश्वास के साथ जीता हुआ महसूस करे.
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इंडोनेशिया में आतंकवाद के खिलाफ दिए गए संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में कमी देखने को मिली है. उनका मानना है कि कई संवेदनशील इलाकों में पहले की तुलना में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है.
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता को लेकर भी लगातार प्रयास जारी रहने चाहिए.
विदेश नीति पर अपनी राय रखते हुए मौलाना रशीदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विदेशी दौरे केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि वे भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों से भी जुड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के सभी देशों के साथ संतुलित और मजबूत संबंध बनाए रखने चाहिए.
उनके मुताबिक, व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और कूटनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली पहलें देश की अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिति दोनों को मजबूत करती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन भारत के दीर्घकालिक हित में है.
-भारत एक्सप्रेस
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