देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मानसून की एंट्री के साथ ही झुलसाने वाली गर्मी का तो पूरी तरह से काम तमाम हो गया है, लेकिन इसके साथ ही अब आसमानी आफत ने देश के कई राज्यों में नई मुसीबत खड़ी कर दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा सैटेलाइट बुलेटिन के अनुसार, मानसून की मुख्य ट्रफ रेखा इस समय देश के मध्य और उत्तर भारत के ऊपर से बेहद मजबूती के साथ गुजर रही है.
इसी खतरनाक(Aaj ka Mausam) वेदर सिस्टम के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर के पहाड़ों तक बादलों का तगड़ा और डरावना जमावड़ा बना हुआ है. आज सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर के लोगों की आंखें ठंडी हवाओं और हल्की बूंदाबांदी के साथ खुलीं, जिससे मौसम बेहद सुहावना हो गया है.
देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कुछ मुख्य हिस्सों में आज सुबह से ही मानसून की सक्रियता साफ देखने को मिल रही है. सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बूंदाबांदी दर्ज की गई है, जिससे पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस और पसीने वाली गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने के कारण आज सुबह दफ्तर और कॉलेज निकलने वाले लोगों को एक बेहद हसीन और सुहावना मौसम देखने को मिला.
हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के कारण दिल्ली के कुछ मुख्य और निचले मार्गों पर भयंकर जलभराव हो सकता है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होगी. इसलिए घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट का अपडेट जरूर ले लें.
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य जिलों में आज सुबह से ही बहुत तेज और ठंडी हवाएं चल रही हैं. कई जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर भी शुरू हो चुका है, जिसके चलते लखनऊ जैसी बड़ी दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं. इसके अलावा पंजाब और हरियाणा के मुख्य कृषि बेल्ट में भी मानसून की स्थिति बेहद अनुकूल और मजबूत बनी हुई है.
इन राज्यों में समय पर बारिश होने से धान की बुआई कर रहे किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए हैं. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश का यह सिलसिला पूरी रफ्तार से जारी रहने वाला है.
एक तरफ जहां मैदानी इलाकों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से बड़ी राहत बनकर बरसी है, वहीं पहाड़ी राज्यों के लिए मौसम विभाग ने गहरी चिंता जताई है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई बेहद संवेदनशील पहाड़ी जिलों के लिए आईएमडी ने आज बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. पहाड़ों में अचानक होने वाली इस मूसलाधार बारिश की वजह से लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा दस गुना बढ़ गया है.
स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है. दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और सिक्किम के गंगटोक में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है.
अगर बात मध्य और दक्षिण भारत के मौसम की करें, तो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों, विशेष रूप से मुंबई और कोंकण में मानसून पूरी तरह से मेहरबान बना हुआ है. गुजरात के भी कई बड़े और तटीय हिस्सों में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं दक्षिण भारत के द्वीपीय क्षेत्रों, जैसे अमिनी दीवि और मिनिकॉय में भी घने काले बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिसके कारण समंदर में बहुत तेज रफ्तार से हवाएं चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है. मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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