PM Modi On Maritime Leaders Conclave: एक समय था जब भारत की समुद्री विरासत चोलों और मराठाओं की शक्ति से पहचानी जाती थी. दशकों तक यह क्षेत्र पुराने कानूनों और सीमित क्षमता में सिमट कर रह गया. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद संभालते ही इंफ्रास्ट्रक्चर, सुधार और सार्वजनिक भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करके इस क्षेत्र को पूरी तरह से बदल दिया. पिछले ग्यारह वर्षों में उनके विजन के कारण भारत की पोर्ट क्षमता दोगुनी हो गई है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित मैरीटाइम लीडर कॉन्केलेव में शामिल होने के बाद पीएम मोदी ने एक लेख लिखा है. इसमें उन्होंने बताया कि कैसे देश विकास की तेज रफ्तार में बढ़ रहा है.
मैं कल मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के तहत मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव में भाग लेने गया था. मुंबई का भारत के मैरीटाइम सेक्टर से गहरा संबंध है, और छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक संबंधों के साथ, यह आज एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है. मैंने प्रमुख सीईओ और हितधारकों से बातचीत की और भारत के पोर्ट-नेतृत्व वाले विकास में उनकी आशा और विश्वास को महसूस किया. भारत का मैरीटाइम सेक्टर पहले से काफी बदल गया है, और अब यह आधुनिक बुनियादी ढांचे, वैश्विक विश्वास और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है.
पीएम मोदी ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए लिखा कि भारत की बंदरगाह क्षमता 1,400 से बढ़कर 2,762 एमएमटीपीए हो गई है, जबकि कार्गो हैंडलिंग 972 से बढ़कर 1,594 एमएमटी हो गई है. जहाज की टर्नअराउंड समय 93 घंटे से घटकर 48 घंटे हो गई है, और शुद्ध अधिशेष 1,026 करोड़ रुपये से बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये हो गया है. इसके अलावा, भारतीय जहाजों की संख्या 1,205 से बढ़कर 1,549 हो गई है, और तटीय शिपिंग कार्गो 87 से बढ़कर 165 एमएमटी हो गया है. अंतर्देशीय जलमार्ग कार्गो 18 एमएमटी से बढ़कर 146 एमएमटी हो गया है.
प्रधानमंत्री ने लिखा ‘विजिंजम बंदरगाह भारत का पहला गहरे पानी का ट्रांसशिपमेंट हब बन गया है, और कांडला बंदरगाह पर भारत की पहली ग्रीन हाइड्रोजन सुविधा है. भारत सरकार ने मैरीटाइम सेक्टर के लिए 70,000 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है, जिससे भारत को जहाज निर्माण और मैरीटाइम नवाचार में वैश्विक नेता बनाने के लिए शिपबिल्डिंग असिस्टेंस स्कीम, मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड और शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम शुरू की गई है.
भारत को जहाज निर्माण और मैरीटाइम नवाचार में वैश्विक नेता बनाने के लिए शिपबिल्डिंग असिस्टेंस स्कीम, मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड और शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम शुरू की गई है. पीएम मोदी ने भारत की इन्हीं योजनाओं के साथ भारत में इन्वेस्टमेंट करने के लिए आमंत्रित किया है.
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पीएम मोदी ने कहा कि मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि भारत इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे अच्छी जगह है. हमारी बहुत लंबी कोस्टलाइन है. हमारे पास स्ट्रेटेजिक ग्लोबल ट्रेड रूट्स हैं. हमारे पास वर्ल्ड-क्लास पोर्ट्स हैं. हमारे पास ब्लू इकोनॉमी ग्रोथ के लिए एक एंबिशियस विज़न है. हमारे पास इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और इरादा है. हमारे युवाओं की वजह से, हमारा इकोसिस्टम इनोवेशन के लिए पूरी तरह तैयार है. आइए, हमारे साथ जुड़िए.
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