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इटली के राजदूत ने बोले- पीएम मोदी का विजन शानदार, 2047 तक भारत बनेगा पांचवां सबसे बड़ा शिपबिल्डर

Italian Ambassador On PM Modi Vision: पीएम मोदी का विजन को शानदार बताते हुए इटली के राजदूत ने कहा कि 2047 तक भारत को पांचवां सबसे बड़ा शिपबिल्डर बनाने का लक्ष्य व्यवहारिक है.

Italian Ambassador On PM Modi Vision

Italian Ambassador On PM Modi Vision: भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो एनरिको ने बुधवार को कहा कि विजन शब्द पीएम मोदी से जुड़ा हुआ है. उनके पास हर सेक्टर के भविष्य के लिए शानदार विजन है और वह परिणामों पर आधारित होता है. देश की आर्थिक राजधानी में ‘इंडिया मैरीटाइम वीक 2025’ के साइडलाइन में समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक मैरीटाइम पावर के रूप में विकसित होना चाहता है और 2047 तक दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शिपबिल्डर बनने का लक्ष्य काफी व्यवहारिक लगता है.

पीएम मोदी का विजन बिल्कुल स्पष्ट

बोथरा शिपिंग के कैप्टन धनंजय कुमार ने समाचार एजेंसी से कहा कि मैरीटाइम ग्रोथ को लेकर प्रधानमंत्री का विजन बिल्कुल स्पष्ट है. प्रधानमंत्री मोदी 2016 से ही इस क्षेत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इस दौरान देश ने वधावन, विझिंजम, पारादीप सहित कई समुद्री पोर्ट्स में बड़ा विस्तार देखा है.

भारत शिपिंग में ग्लोबल लीडर बनेगा

उन्होंने आगे कहा कि पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और रेल संपर्क के विकास से भारत को अधिक माल ढुलाई को कुशलतापूर्वक संभालने में मदद मिल रही है. प्रधानमंत्री मोदी का विजन 2047 मैरीटाइम सेक्टर को एक बड़ा बढ़ावा देगा, जिससे यह साबित होगा कि भारत ट्रेड और शिपिंग में ग्लोबल लीडर बन सकता है.

2047 पर फोकस

इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर मालिनी वी. शंकर ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने एमआईवी 2030 का जिक्र किया, जो कि लगभग पांच साल पहले शुरू किया गया था. अब एमएके 2047 पर फोकस किया जा रहा है. इस इवेंट में कई पहलें की गई हैं वे इन योजनाओं और दस्तावेजों के अनुरूप हैं. यह दिखाता है कि सरकार केवल कागजों पर कार्य नहीं कर रही है, बल्कि इसे लागू भी कर रही है. विझिंजम बंदरगाह में केरल सरकार और वाधवन बंदरगाह में महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड का साझेदार होना काफी अच्छी बात है और यह दिखाता है कि बंदरगाहों के विकास में राज्य सरकारें भी भागीदार बन रही हैं.

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नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.



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