भारतीय रेल और स्वच्छ ऊर्जा के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली ‘हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन’ (Hydrogen Powered Train) को हरी झंडी दिखाकर आधिकारिक रूप से रवाना किया. यह अत्याधुनिक ट्रेन न केवल भारत की पहली है, बल्कि वर्तमान में दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन यात्री ट्रेनों में से एक है.
जींद रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस ऐतिहासिक गरिमामयी समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विशेष रूप से उपस्थित रहे. प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन को जींद से सोनीपत के लिए रवाना किया, पूरा स्टेशन परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा. हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन पर मौजूद आम जनता, रेल प्रेमियों और छात्र-छात्राओं का हाथ हिलाकर अभिनंदन स्वीकार किया. इस दौरान दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भारी संख्या में लोग मौजूद थे.
India takes a major leap towards green mobility!
In Jind, flagged off India’s first indigenous hydrogen-powered train between Jind and Sonipat.
This remarkable achievement reflects the ingenuity and dedication of the Indian Railways team. It is a proud symbol of Aatmanirbhar… pic.twitter.com/hVo89u5vvI
— Narendra Modi (@narendramodi) July 17, 2026
इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन के सफर की शुरुआत के साथ ही स्थानीय स्कूली बच्चों को सबसे पहले ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ (हरित और प्रदूषण मुक्त परिवहन) का अनूठा अनुभव करने का अवसर मिला. हाथों में तिरंगा झंडा लिए स्कूली छात्र इस अत्याधुनिक ट्रेन की यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित और आनंदित दिखे.
ट्रेन को रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित विशाल राज्यस्तरीय मुख्य कार्यक्रम में पहुंचे. यहाँ से उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हरियाणा प्रदेश के लिए लगभग 14,700 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत वाली विभिन्न बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया. पीएम मोदी के मंच पर पहुंचने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरी गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुसार पीएम मोदी को हरियाणवी साफा पहनाया और स्मृति चिह्न के रूप में उपहार भेंट किए.
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए पीएम मोदी ने लगभग 9,680 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुए 157.92 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले और पूरी तरह से सुलभ (एक्सेस-कंट्रोल्ड) दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज 1 से 5) को राष्ट्र को समर्पित किया. इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली और पवित्र तीर्थ स्थल कटरा के बीच यात्रा का समय लगभग 14 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा, जबकि दिल्ली से अमृतसर की यात्रा का समय भी लगभग 8 घंटे से घटकर आधा यानी मात्र 4 घंटे रह जाएगा.
प्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी को धार देते हुए अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों का भी लोकार्पण किया. राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (NH-7) और राष्ट्रीय राजमार्ग-344 (NH-344) पर बने 33.81 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले और आंशिक रूप से प्रवेश-नियंत्रित इस हाईवे का उद्घाटन किया गया, जो हिमाचल और हरियाणा के बीच व्यापार को गति देगा. राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए (NH-352A) पर स्थित 40.60 किलोमीटर लंबे इस शानदार ग्रीनफील्ड हाईवे का भी आधिकारिक उद्घाटन किया गया. प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इस नई राजमार्ग परियोजना की आधारशिला भी रखी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो जाएगी.
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