Rajasthan AI Black Spot Road Safety- एआई जनरेटेड
Rajasthan AI Black Spot Road Safety: राजस्थान में सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए पुलिस अब AI और आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है. जयपुर रेंज पुलिस ने पिछले तीन साल के सड़क हादसों के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर 101 दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं. इनमें 6 हाई रिस्क, 32 मीडियम रिस्क और 63 लो रिस्क जोन शामिल हैं. खास बात यह है कि इन खतरनाक जगहों को अब Google Maps से जोड़ा गया है, ताकि वाहन चालकों को ब्लैक स्पॉट तक पहुंचने से पहले ही अलर्ट मिल सके.
जयपुर रेंज पुलिस ने वर्ष 2023 से 2025 तक हुए सड़क हादसों और जनहानि का डेटा खंगाला. इसके आधार पर जयपुर ग्रामीण में 28, दौसा में 24, कोटपूतली-बहरोड़ में 19, अलवर में 11, सीकर में 10, भिवाड़ी में 5, खैरथल-तिजारा में 3 और झुंझुनूं में 1 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किया गया है. इनमें सबसे गंभीर 6 हाई रिस्क ब्लैक स्पॉट पर तीन साल में 133 लोगों की मौत हुई है.
सबसे ज्यादा जनहानि वाले ब्लैक स्पॉट का करीब 20 दिन तक AI आधारित डेटा एनालिसिस किया गया. इसमें हादसों के पैटर्न, संभावित कारण और उन्हें रोकने के उपायों का अध्ययन किया गया. पावटा के CHC कट पर तीन साल में 27 हादसों में 29 लोगों की मौत हुई. यहां कमर्शियल गतिविधियां, सर्विस रोड की कमी, बस स्टॉपेज, तेज रफ्तार और हाईवे पर रेलिंग का अभाव प्रमुख कारण सामने आए. AI ने 500 मीटर पहले चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स और ओवरस्पीड व रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर सख्ती की सिफारिश की है.
कोटपूतली की गोवर्धन पुलिया भी हाई रिस्क जोन में है. यहां तीन साल में 22 लोगों की मौत हुई. विश्लेषण में करीब 90 प्रतिशत हादसों के पीछे हाईवे से सर्विस रोड के जुड़ने को प्रमुख कारण माना गया. सड़क किनारे पार्किंग और कमर्शियल गतिविधियां भी जोखिम बढ़ा रही हैं. यहां रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड कैमरे, अवैध पार्किंग हटाने और ट्रैफिक दबाव के समय पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की सिफारिश की गई है.
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अब Geospatial Mapping के जरिए इन ब्लैक स्पॉट को Google Maps से जोड़ा गया है. वाहन चालक जब नेविगेशन के दौरान किसी खतरनाक क्षेत्र के करीब पहुंचेगा, तो उसे Road Safety Alert मिलेगा. इसके अलावा QR Code स्कैन करके भी संबंधित ब्लैक स्पॉट की जोखिम श्रेणी और सुरक्षा संबंधी जानकारी हासिल की जा सकेगी.
जयपुर रेंज पुलिस इन ब्लैक स्पॉट का हर तीन महीने में रिव्यू करेगी. नए हादसों और डेटा के आधार पर मैपिंग को अपडेट किया जाएगा. पुलिस का लक्ष्य साफ है—टेक्नोलॉजी की मदद से वाहन चालकों को पहले ही खतरे की जानकारी देना और सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को कम करना.
भारत एक्सप्रेस
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